
अमरावती/दि.29 – अमरावती जिला परिषद शिक्षक सहकारी बैंक व्दारा मृत कल्याण निधि के नियमों का उल्लंघन करते हुए 20 लाख रुपए का वितरण नियमबाह्य किया. जिसकी शिकायत दस संचालकों ने विभागीय सहनिबंधक से की. शिक्षक सहकारी बैंक के सभासदो के लिए और बैंक कर्मचारियों के लिए मृत सभासद कल्याण निधि 20 लाख रुपए मंजूर किए जाने का नियम है. यह निधि 4 अगस्त 2021 के विभागीय सहनिबंधक व्दारा पत्रानुसार मंजूर की गई थी. नियमानुसार मृत सदस्यों के वारिसों का प्रमाणपत्र लेकर यह रकम उन परिवारों को दी जानी थी. विषय क्रमांक 6 अनुसार मृत कल्याण निधि की मदद मिलने के संदर्भ में उनके वारिसों का विचार विनिमय पर आठ आवेदन मंजूरी के लिए प्रस्तुत किए गए थे.
एक मृत सभासद वारिस महिला के नाम 20 लाख रुपए मंजूर किए गए. जिसमें कर्जे की रकम काटकर 16 लाख 42 हजार 300 रुपए संबंधित महिला के खाते में जमा किए गए. कानून अनुसार वारिस महिला का प्रमाणपत्र लेकर ही उसके खाते में रकम जमा की जानी थी. किंतु नियमों का उल्लंघन कर मृत सभासद कल्याण निधि मंजूर की गई. सभा में कार्यव्रत मंजूर करते समय संचालक ज्ञानेश्वर घाटे, मनोज ओलंबे, सुनीत लहाने, छोटू सिंग सोमवंशी, विजय पुसलेकर, अब्दुल राजीक हुसैन, मधुकर चव्हाण, सुदाम राठी, रवि निंघोट, प्रमोद ठाकरे ने अध्यक्ष व व्यवस्थापक के निर्दशन में यह बात लायी और नियमों का उल्लंघन किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए दस संचालकों ने विभागीय सहसंचालक से शिकायत की.
नियमबाह्य राशि का वितरण नहीं किया
मृत सभासद कल्याण निधि का लाभ मृत सदस्य के वारिस का प्रमाणपत्र लिए जाने के पश्चात ही मृत कल्याण निधि का लाभ दिया जाता है. जिसमें किसी भी प्रकार से नियमबाह्य वितरण नहीं किया गया.
– गोपालदास राउत, अध्यक्ष शिक्षक सहकारी बैंक