मेलघाट के लोग चंदा कर लाते हैं पार्थिव !
विधायक ने कहा दो शववाहिका की होगी व्यवस्था

अमरावती / दि. 2- मेलघाट के रूग्ण को उपचार के लिए अमरावती या नागपुर रेफर किया जाता है. फिर उपचार दौरान मृत्यु हो जाने पर उसका पार्थिव गांव लाने के लिए चंदा करना पडता है. परिवार के लोगों को लोगों के सामने हाथ पसारने की नौबत आती है. ऐसे में क्षेत्र के विधायक केवलराम काले से बात की तो उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के पास शववाहिका के लिए अनुरोध किया गया है. जल्द ही खास मेलघाट की दोनों तहसीलों चिखलदरा व धारणी के लि दो शववाहिका एवं दो एम्बुलेंस प्राप्त होगी. उल्लेखनीय है कि केवल 10 रोज पहले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने मेलघाट के दुर्गम भागों का दौरा कर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल देखा था.
* रिश्तेदार करते फोनाफानी
अभी तो मेलघाट का यही चित्र है कि यहां के किसी व्यक्ति को उपचार के लिए अन्यत्र ले जाने पर और उसकी मृत्यु हो जाने की दशा में गांव लेकर अंतिम संस्कार करने की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में मृतक के रिश्तेदार राजनीतिक दलों के नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता को फोन करते हैं. कई बार चंदा इकट्ठा कर पार्थिव को गांव लाने की व्यवस्था करनी पडती है.
* विधायक काले का दावा
विधायक केवलराम काले ने दावा किया कि पार्थिव लाने के लिए दो शववाहिका की व्यवस्था अतिशीघ्र हो जायेगी. प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर से उन्होंने दो रूग्णवाहिका एवं दो शववाहिका देने का अनुरोध किया है. स्वास्थ्य मंत्री ने उनकी गिनती मान ली है. वहां आदिवासी लोगों को पार्थिव ले जाने शववाहिका उपलब्ध होगी.
खोज के साने का कहना
सस्ता खोज के बंडया साने ने कहा कि मोथा, दाबिदा, हतरू, गौरखेडा, कुंभी, राणा मालुर आदि गांवों में पार्थिव के लिए उन्होंने स्वयं और मित्रों से 8 से 10 हजार रूपए चंदा एकत्र किया था.