
दोषियों पर कार्रवाई करने की उठी मांग
अमरावती/दि.13 – अमरावती वनविभाग के वडाली वन परिक्षेत्र अंतर्गत पोहरा बीट वनखंड क्रं. 42 में कैम्पा योजना अंतर्गत मिक्स रोपवन (नर्सरी) साकार की गई है. परंतु इस नर्सरी में लगाए गए पौधों को बारिश का सीजन बितने के बाद नवंबर, दिसंबर व जनवरी माह में पानी ही नहीं दिया गया. जिसके चलते आधे से अधिक पौधे सुखने की कगार पर है. साथ ही अब फरवरी माह में टैंकर लगाकर पानी देते हुए संबंधित वन अधिकारी, वनपाल एवं वनरक्षक द्बारा विगत 3 माह के पानी का बिल निकालने की तैयारी की जा रही है. अत: पूरे मामले की जांच की जानी चाहिए. इस आशय की मांग वाइल्ड लाइफ अवेयरनेस रिसर्च एण्ड रेस्क्यू वेलफेअर सोसायटी (वॉर) संस्था के नीलेश कंचनपुरे द्बारा उठाई गई है.
इस संदर्भ में वॉर संस्था की ओर से नीलेश कंचनपुरे ने अमरावती वनविभाग के वनसंरक्षक को ज्ञापन सौपते हुए कहा कि, मिक्स रोपवन में पानी का बिल देने से पहले यहां पर की गई सिंचाई के जीओ ट्रैग फोटो, संबंधित गांववासियों के बयान, वनरक्षक व टैंकर ठेकेदार के मोबाइल सीडीआर रिकॉर्ड एवं नर्सरी में जीवित व मृत रहने वाले पौधों आदि की जानकारी को जांचा जाए. साथ ही संबंधित अधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई भी की जाए. नीलेश कंचनपुरे के मुताबिक विगत 3 माह के दौरान नर्सरी में पानी ही नहीं दिए जाने के चलते आधे से अधिक पौधें गड्डे में ही सुख गए है. ऐसे में राज्य सरकार एवं पर्यावरण का करोडों रुपयों का नुकसान हुआ है. अत: इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर फौजदारी कार्रवाई करने के साथ ही उनसे नुकसान की वसूली भी की जानी चाहिए.