अमरावती

चार महीनों में पीने के पानी का नियोजन करें

भूसंपादन के नियमों का पालन किया जाए

  • राज्यमंत्री बच्चू कडू ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

अमरावती/दि.20 – आने वाले गर्मियो के दिनों में नागरिकों को पीने के पानी की समस्याओं से ना जूझना पडे, नागरिकों के सामने पेय जल की समस्या का प्रश्न निर्माण ना हो जिसके चलते पेयजल की समस्याओं का निराकरण को प्रधान्यता दी जाए और व्यवस्थित नियोजन किया जाए ऐसे निर्देश राज्य के जलसंपदा राज्यमंत्री बच्चू कडू ने दिए. राज्यमंत्री बच्चू कडू बुधवार को सिंचाई भवन में आयोजित जलसंपदा विभाग की बैठक में उपस्थित थे. जहां उन्होंने जलसंपदा विभाग द्बारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की. इस समय मुख्य अभियंता अनिल बहादुरे, अ.ल. पाठक, अधिक्षक अभियंता आशीष देवगडे, रश्मी देशमुख, नरेंद्र तायडे आदि उपस्थित थे.
समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री कडू ने जिले के नांदगांवपेठ अंतर्गत आनेवाले 32 गांव की पानी की समस्या का निराकरण करने हेतु तथा नांदगांवपेठ औद्योगिक क्षेत्र में गांव से जलापूर्ति किए जाने के संदर्भ में रुपरेखा तैयार किए जाने के निर्देश दिए. उसी प्रकार बुलढाणा जिले के जीगांव, खडकपुर्णा तथा पेनटाकली प्रकल्प की स्थिती भी जानी. इस प्रकल्प में 2 हजार करोड रुपए खर्च होंगे इस संदर्भ में प्रस्ताव भिजवाया. जिसमें भूसंपादन प्रक्रिया को प्राधान्यता दी जाए, भूसंपदान व पुर्नवसन पर 400 करोड रुपए की निधि उपलब्ध है. जिसमें प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश राज्यमंत्री कडू ने दिए.
यह प्रकल्प समय पर पूरा किया जाए इसके लिए सुधारित प्रशासकीय मान्यता का प्रस्ताव तत्काल तैयार किया जाए व प्रस्तावित कामों का प्रस्ताव भी शासन को भिजवाया जाए साथ ही संबंधित अधिकारियों द्बारा शिकायतों का भी निपटारा किया जाए और इस संदर्भ में नियमों का पालन किया जाए. इस प्रकार के निर्देश समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री कडू ने दिए.
सिंचाई प्रकल्प केवल सिंचाई तक ही मार्यादित न रहे बल्कि उसमें नई संकल्पना प्रत्यक्ष रुप में अपनाकर नहरों पर सोलर का प्रयोग प्रकल्प के आस-पास खाली जमीन का पर्यटन के लिए इस्तेमाल करें. नहर के किराने वृक्षारोपण करे, निसर्गपोचार केंद्र शुरु किए जाए इस प्रकार से अलग-अलग प्रयोग प्रकल्प की जमीन पर किए जाए जिससे पर्यटन उद्योग को भी बढावा मिलेगा ऐसा भी राज्य के जलसंपदा राज्यमंत्री बच्चू कडू ने समीक्षा बैठक में कहा.

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