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फिजियोथेरेपी की आड में देहविक्री का गोरखधंधा

हिंगासपुरे मार्केट में चल रहा था नवजीवन फिजियोथेरेपी सेंटर

* हिंदुत्ववादी संगठन के पदाधिकारियों ने मारा छापा
* दो जोडों को आपत्तिजनक स्थिति मेें पकडा गया
* राजापेठ थाने में दोनों युवकों सहित संचालक के खिलाफ मामला दर्ज
अमरावती/दि.9- स्थानीय राजापेठ पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत हिंगासपुरे मार्केट में स्थित नवजीवन फिजियोथेरेपी सेंटर में देहविक्री का गोरखधंधा जारी रहने की शिकायत मिलने पर हिंदू युवा संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने गत रोज दोपहर बाद इस फिजियोथेरेपी सेंटर पर छापा मारा. जहां से 2 युवकों व 2 युवतियों को अलग-अलग कमरों से आपत्तिजनक स्थिति में पकडा गया. जिसके उपरान्त दोनों युवकों सहित फिजियोथेरेपी सेंटर के संचालक मनोहर कोठार के खिलाफ राजापेठ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. राजापेठ पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ प्रतिबंधक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया.
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक दशहरा मैदान परिसर में रहने वाले मनोहर कोठार नामक व्यक्ति द्वारा राजापेठ परिसर स्थित हिंगासपुरे मार्केट की उपरी मंजिल पर स्थित दुकान को किराये पर लेकर वहां नवजीवन फिजियोथेरेपी सेंटर शुरु किया गया. परंतु इस सेंटर में फिजियोथेरेपी की आड लेते हुए देहविक्री का व्यवसाय किये जाने की जानकारी हिंदू युवा संगठन के पदाधिकारियों को प्राप्त हुई. जिसके चलते इस संगठन के पदाधिकारियों ने बिना पुलिस को सूचित किये खुद ही इस फिजियोथेरेपी सेंटर पर जाकर छापा मारा. इस समय नवजीवन उपचार केंद्र नामक इस फिजियोथेरेपी सेंटर पर बाहर से ताला लगा हुआ था. जबकि भीतर दो युवकों के साथ दो युवतियां मौजूद थी. ऐसे में संगठन के पदाधिकारयों ने आपत्तिजनक स्थिति में रहने वाले इन चारों लोगों को अपने कब्जे में लेकर डायल 112 पर कॉल लगाई. जिसके बाद पुलिस का दल तुरंत मौके पर पहुंचा तथा चारों युवक युवतियों सहित फिजियोथेरेपी सेंटर के संचालक मनोहर कोठार को राजापेठ पुलिस थाने लाया गया. जहां पर आवश्यक पूछताछ के बाद दोनों युवतियों को समझपत्र देकर जाने दिया गया. वहीं मनोहर कोठार सहित दो युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के साथ ही उन्हें भी नोटीस देकर छोडा गया.

* पुलिस को सूचित करना जरुरी
* गत रोज संगम गुप्ता नामक युवक सहित अन्य कुछ युवकों ने हिंगासपुरे मार्केट स्थित नवजीवन उपचार केंद्र नामक फिजियोथेरेपी सेंटर पर पुलिस को सूचित किये बिना खुद ही छापा मारा और उन्हें उस समय उक्त फिजियोथेरेपी सेंटर के भीतर दो जोडें कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में मिले. जिसके बाद इस बारे में पुलिस को सुचित किया गया. सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और सभी लोगों को पुलिस थाने लाया गया. यदि इस मामले में पुलिस को पहले सूचित किया जाता है, तो पुलिस द्वारा नियमानुसार पहले अपने पंटर को भेजा जाता है और फिर पंचों के समक्ष छापे की कार्रवाई करते हुए पंचनामा भी किया जाता है. परंतु इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. जिसके चलते संबंधितों के प्रतिबंधक कार्रवाई के बाद समझपत्र देकर जाने दिया गया.
– महेंद्र अंभोरे,
थानेदार, राजापेठ पुलिस स्टेशन.

 

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