
अमरावती/दि.८ -बंगाल की खाड़ी में कम दबाववाला क्षेत्र बनने से १० और ११ अगस्त के दरम्यिान अतिवृष्टि और पश्चिम विदर्भ में हल्का व मध्यम बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जतायी है. उत्तर दिशा से बहकर आनेवाले मौसमी हवाएं दक्षिण की दिशा में बहने से धीमि गति से बारिश होती है. लेकिन इस बार मौसम में बदलाव से दक्षिण से बहनेवाले मौसमी हवाएं ५ से ६ किमी उंचाई पर से बह रहे है, जिसके चलते कहीं पर जोरदार तो कहीं पर बारिश का नामोनिशान नहीं रहता है यह हालात निर्माण होनेवाले है. यह जानकारी शिवाजी कृषि महाविद्यालय के प्रा. अनिल बंड ने दी है. उन्होंने बताया कि ईशान्य बंगाल खाड़ी में ३.५ से ५.८ किमी उंचाई पर गोलाकार हवाएं बह रही है. इन हवाओं से बंगाल खाड़ी में रविवार को एक कम दबाववाला क्षेत्र बन सकता है. हाल की स्थिति में अरबी समंदर, गुजराव व मध्यप्रदेश क्षेत्र में कम दबाववाला पट्टा बनने से धीमी गति से बारिश हो रही है.
हाल में अरबी समंदर से मौसमी हवाएं तेजी से बह रही है, इन हवाओं का प्रवाह ४८ घंटे बरकरार रहेगा. कम दबाव क्षेत्र से १० व ११ अगस्त को पूर्व विदर्भ में अतिवृष्टि होने का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है. सध्या अरबी समुद्रातून नैरूत्य मोसमी वारे सशक्तपणे वाहत असून हा प्रवाह आनखी ४८ तास टिकणार आहे. कमी दाबाच्या क्षेत्रामुळे १० व ११ ऑगस्ट रोजी पूर्व विदर्भात अतीव्रुष्टी होण्याची शक्यता हवामान खात्याने व्यक्त केली आहे. विदर्भ के लगभग ७० फीसदी क्षेत्रों में बारिश होने का अनुमान है. वहीं पूर्व विदर्भ में अतिवृष्टि सहित १५ अगस्त तक पूरे विदर्भ में दमदार बारिश होने का अनुमान जताया गया है.