राणा की माफी मंजूर, अब यह मामला खत्म, कई विकास काम करना है, इसलिए सत्ता के साथ रहूंगा
पूरे राज्य से हजारों प्रहारी जुटे अमरावती में

* नेहरु मैदान में प्रहार की विशाल ‘जनशक्ति’
* सैकडों दिव्यांग भी पहुंचे लीडर का समर्थन करने
* अपना भीडू बच्चू कडू की गूंज
अमरावती/दि.1 – प्रहार जनशक्ति पार्टी के सर्वेसर्वा और अचलपुर के चार बार के विधायक ओमप्रकाश उर्फ बच्चू कडू ने आज दोपहर नेहरु मैदान में संगठन का जनशक्ति प्रदर्शन कर कहा कि, विधायक रवि राणा द्बारा उन पर लगाये गये आरोपों के बाद मांगी गई माफी को वे स्वीकार करते हैं. राणा दो कदम पीछे हटे हैं तो वे भी 4 कदम पीछे लेने के लिए तैयार हैं. बस आईंदा ऐसा नहीं होना चाहिए. अब यह मामला यहां खत्म होने का ऐलान भी कडू ने अपने हजारों कार्यकर्ताओं के सामने करते हुए कहा कि, पार्टी के अधिकांश जिला प्रमुख भी इसी राय से सहमत हैं. उसी प्रकार दिव्यांगों और समाज के अंतिम घटक के उत्थान के लिए अभी भी काफी कुछ करना है. जिले के विकास के कई प्रकल्प पूर्ण करने हैं. इसलिए वे राज्य की शिंदे-फडणवीस सरकार के साथ हैं. कडू ने बातों ही बातों में प्रदेश सरकार मेें मंत्री बनने के भी संकेत दिये. मंच पर प्रहार के सभी प्रमुख पदाधिकारियों के साथ मेलघाट के विधायक राजकुमार पटेल भी मौजूद थे. भाषण के तुरंत बाद कडू को मालाएं पहनाने की कार्यकर्ताओं में होड मच गई थी.
* खुद लडता हूं, उकसाता नहीं
बच्चू कडू ने कहा कि, वे किसी के रास्तें में आडे नहीं आते. उनके आडे आने वाले को भी नहीं बख्शते. उसी प्रकार 350 केसेस उन पर लगे हैं. वे सिर्फ कार्यकर्ताओं को लडने नहीं कहते. बल्कि खुद भिड जाते हैं. कडू ने कहा कि, आज कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं है. शक्ति प्रदर्शन करना होता, तो कुर्सियां एक-एक फीट के फासले पर लगा देता और फिर मैदान के बाहर लोग खडे रहते. मगर हमें गर्दी नहीं दर्दी चाहिए. कडू ने अपने संबोधन की शुरुआत ही ‘जली को आग कहते हैं/जिस आग से बारुद निकलती है/उसे प्रहार जनशक्ति कहते हैं’ इस अंदाज में की.
* तो बच्चू दफन हो जाएंगा
बच्चू कडू ने दावा किया कि, दिव्यांगों के लिए जमकर आंदोलन किये. 150 केसेस झेले. सरकार पर बार-बार दबाव-प्रभाव बनाया. तब जाकर 100 शासन निर्णय दिव्यांगों के हित में करवाये. 1 हजार करोड का फंड आवंटीत करवाया. कडू ने दावा किया कि, उन्होंने कभी किसी दिव्यांग का इस्तेमाल नहीं किया. ऐसा करने के आरोप गलत है. दिव्यांगों का इस्तेमाल करने के बजाय बच्चू दफन होना पसंद करेंगा. बच्चू कडू ने कहा कि, जिन दिव्यांगों को घर वाले नहीं पूछते आज वे प्रहार के मंच पर विराजमान है. उनके लिए स्थायी मदद और साधनों की व्यवस्था उन्होंने सरकार से करवाई है.
* प्रहार की बढ रही शक्ति
बच्चू कडू ने कहा कि, प्रहार की राजनीति पैसे के बल पर नहीं बल्कि सेवा के आधार पर चल रही है. थैली में शुरु हुआ प्रहार की ताकत बढ रही है. मंत्रालय में भी प्रहार का कार्यालय शुरु हो गया है. ऐसी ही सेवा की राजनीति महाराष्ट्र में लाना है. धर्म और झंडे के रंग की बजाय बच्चू प्रहार असल मुद्दों पर काम करने में विश्वास रखता है.
* शालाओं को लेकर अभियान
बच्चू कडू ने अपने कार्यकर्ताओं को कल से ही अपने क्षेत्र की पालिका, मनपा, जिला परिषद, शालाओं की स्थिति का आकलन करने और उसमें गुणात्मक सुधार करने के लिए काम से लग जाने का आवाहन किया. उन्होंने दिल्ली के सीएम केजरीवाल का नामोल्लेख कर कहा कि, शालाओं और शिक्षा को मजबूत बनाना है. ऐसे ही स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार करना है. गरीबों को शिक्षा से दूर करने का प्रयास किया गया था. गरीबों के लिए शिक्षा के अच्छे अवसर और व्यवस्था पर प्रहार निश्चित ही ध्यान देगा. अगले 2-3 माह में इसके परिणाम भी नजर आएंगे.
* अगली बार 10 प्रहारी विधायक होंगे
बच्चू कडू ने मंच पर प्रहार के दो विधायक होने का जिक्र कर कहा कि, संगठन और पार्टी ने अपनी रणनीति बना ली है. उस पर अंमल शुरु कर दिया है. आज दो की संख्या आने वाले समय में 10 करनी है. कडू ने कहा कि, आगामी चुनाव के बाद प्रहार के 10 विधायक हो जाएंगे और वे ही सत्ता के समीकरण बनाएंगे.
* पहली बार माफ किया
बच्चू कडू ने संबोधन के लगभग अंत में केवल एक बार राणा का नाम लिया. राणा की क्षमा याचना स्वीकार होने का उल्लेख कर कडू ने साफ कर दिया कि, पहली बार उन्होंने माफी दे दी है. दूसरी बार माफी नहीं मिलेंगी. उनकी घोषणा पर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारे लगाये जिससे पूरा परिसर गूंज उठा था.
* अंतडियां निकाल लेंगे
कडू ने भाषण की शुरुआत में स्पष्ट कर दिया कि, वे किसी के रास्तें में जाते नहीं. यदि गये तो फिर उसकी अंतडियां भी निकाल देंगे. इस प्रकार की चेतावनी उन्होंने दी. उनकी आवाज का उतार-चढाव उपस्थित प्रहारियों को बडा पसंद आ रहा था. ऐसे ही कडू ने संबोधन को कहीं-कहीं भावना प्रधान भी कर दिया था.