
अमरावती/दि.6 – इन दिनों लगभग सभी क्षेत्रों में ऑनलाइन पेमेंट से आर्थिक लेन-देन के व्यवहार हो रहे है. लेकिन रापनि की एसटी बस सेवा अब तक इससे दूर है और यात्रियों को अब भी टिकट हेतु नगद पैसे देने पडते है. साथ ही कई बार छूट्टे पैसों के लिए यात्रियों का वाहक के साथ विवाद भी होता है. ऐसे में बदलते वक्त को ध्यान में रखते हुए राज्य परिवहन मंडल ने भी अपने कामकाज के तरीके में बदलाव करने का निर्णय लिया है. जिसके चलते टिकट हेतु ऑनलाइन भुगतान की सुविधा जल्द ही उपलब्ध करा दी जाएगी. जिसके तहत वाहकों के पास एन्ड्रॉईड प्रणाली पर आधारित टिकट मशीन उपलब्ध कराई जाएगी. जिसके जरिए यात्रियों द्बारा अपने यात्रा शुल्क का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकेगा. इससे ऑनलाइन पेमेेंट करने के इच्छूक यात्रियों को सुविधा भी होगी.
* मौजूदा मशीन को इन्ड्रॉईड से जोडा जाएगा
मुख्यमंत्री के अध्यक्षता में एक सप्ताह पूर्व ही रापनि की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई. जिसमें ऑनलाइन लेन-देन के संदर्भ में निर्णय लेते हुए तय किया गया कि, टिकट विक्री हेतु फिलहाल काम में लाई जा रही ईटीआई मशीन को एन्ड्रॉईड सिस्टिम से जोडा जाएगा.
* कार्ड मोबाइल के जरिए सुविधा
ड्यूटी खत्म होने के बाद तय समय के भीतर आगार में यात्रा शुल्क की रकम जमा नहीं कराने पर वाहन चालकों को कार्रवाई का सामना करना पडता है. लेकिन ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा के चलते यह झंझट खत्म हो जाएगी. क्योंकि यात्रियों द्बारा डेबिट कार्ड, के्रेडिट कार्ड, गूगल पे व फोन पे आदि ऑनलाइन पेमेंट प्रणाली के जरिए अदा किए गए यात्रा शुल्क की राशि सीधे रापनि के खाते में जमा हो जाएगी. जिसकी वजह से ड्यूटी खत्म होने के बाद वाहकों को आगार में कैशियर के पास पैसे जमा करते हुए हिसाब देने की झंझट से मुक्ति मिलेगी. वहीं यात्रियों को भी रापनि बसों में यात्रा करते समय अपने पास नगद रकम लेकर चलने की जरुरत नहीं रहेगी.
* वाहक को संभालनी होती है 1 हजार रुपए की ड्यूटी कैश
बता दें कि, लंबी दूरी वाली रापनि बसों पर ड्यूटी करने वाले वाहकों को 1 हजार रुपए की ड्यूटी कैश संभालनी होती है. जिसके बाद यात्रियों को दी गई टिकट और ड्यूटी कैश की रकम का हिसाब-किताब ड्यूटी खत्म होने के बाद आगार के कैशियर को देना पडता है. यहीं प्रक्रिया ड्यूटी से वापिस अपने आगार पर लौटने के बाद भी दोहरानी पडती है. इसमें कई बार छूट्टे पैसों का हिसाब अतिरिक्त निकलता है. इसके लिए वाहकों को स्पष्टीकरण भी देना होता है. ऐसे में ऑनलाइन पेमेंट का सिलसिला शुरु हो जाने पर रापनि वाहकों को ड्यूटी कैश संभालने छूट्टे पैसे वापिस देने तथा ड्यूटी खत्म होने पर हिसाब-किताब मिलाने जैसे तमाम कामों से छूटकारा मिल जाएगा.