आदिवासी क्षेत्र के १४ बोगस विधायक व २ सांसद को हटाएं
ऑफ्रोह संगठन को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आंदोलन

अमरावती-/ दि. १२ आदिवासियों के लिए आरक्षित क्षेत्र में आदिवासी जनजाति की जनसंख्या में आधार पर निर्वाचित और स्वयं को पात्र समझने वाले १४ बोगस आदिवासी विधायक और २ बोगस आदिवासी सांसद को हटाने की मांग को लेकर ऑर्गनाईजेशन फॉर राईट ऑफ ह्यूमन ऑफ्रोह महाराष्ट्र संगठन ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आंदोलन किया. बोगस जनप्रतिनिधियों का जाति वैधता प्रमाणपत्र रद्द करें और जांच समिति व अधिकारियों द्वारा कड़ाई से जांच करने की मांग आंदोलन दौरान की गई. इस समय आंदोलनकारियों द्वारा की गई नारेबाजी से संपूर्ण परिसर गूंज उठा. ऑफ्रोह संगठन ने विविध मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. साथही सेवानिवृत्त न्यायाधीश गायकवाड समिति की रिपोर्ट के अनुसार आदिवासी विभाग में ६ हजार करोड का भ्रष्टाचार करनेवालों को जेल में डालने की मांग की गई. ऑफ्रोह के मार्गदर्शक डॉ.दीपक केदार ने बताया कि, आदिवासी जाति की जनसंख्या के आधार पर १४ विधानसभा और २ लोकसभा क्षेत्र आदिवासियों के लिए आरक्षित रखे गए है. परंतु कुछ नए नेता अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचन क्षेत्र कम करने के लिए कुछ नए नेता के नक्शे कदम पर चलकर शिंदे-फडणवीस सरकार ने लिए निर्णय का विरोध कर रहै है. इसलिए इन निर्वाचन क्षेत्र का आदिवासी क्षेत्र लिए आरक्षित न रख जाए तथा सरकार का विरोध करनेवाले व्यक्ति व संस्था पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग ऑफ्रोह संगठन ने की है. जिलाधिकारी कार्यालय के सामने किए गए आंदोलन में राज्य कार्यकारिणी पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, सदस्य तथा अन्यायग्रस्त समाज के कर्मचारी व समाजबंध्ाु बड़ी संख्या में शामिल हुए.