अमरावतीमहाराष्ट्रमुख्य समाचार

प्रचार के वाहनों से आरटीओ को 22 लाख की कमाई

उम्मीदवारों ने ऑटो रिक्शा और फोरविलर को किया था पसंद

* एलईडी की मांग से भी हुई आमदनी
अमरावती/दि.26 – विधानसभा चुनाव संपन्न होने और मतगणना के साथ परिणाम घोषित हो जाने के बाद अब हिसाब-किताब पर ध्यान है. प्रादेशिक परिवहन कार्यालय को उम्मीदवारों के प्रचार वाहनों की अनुमति से अकेले अमरावती में 22 लाख रुपए की कमाई हो गई है. ऐसे ही एलईडी की बडी डिमांड सभाओं और प्रचार के लिए रही. उससे भी शामियाना संचालकों का फायदा हुआ. उल्लेखनीय है कि, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सैकडों वाहनों को प्रचार की अनुमति दी गई थी. सर्वाधिक 395 प्रचार रथों का उपयोग मोर्शी विधानसभा क्षेत्र में किया गया. यह विधानसभा क्षेत्र दो तहसीलों मोर्शी और वरुड में फैला है.
* 1973 वाहनों को अनुमति
उल्लेखनीय है कि, विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट 4 नवंबर को जारी हुई. 5 से 18 नवंबर तक जमकर एवं धुआंधार प्रचार चला. जिसमें उम्मीदवारों ने ऑटो रिक्शा, फोरविलर के साथ ट्रैक्टर का भी उपयोग किया. इन वाहनों की चुनाव प्रचार के काम में अनुमति आरटीओं से लेना जरुरी था. जिसका शुल्क तय किया गया था. कुल 8 विधानसभा में 1973 वाहनों को अनुमति दी गई. जिससे आरटीओ को 22 लाख 38 हजार रुपए प्राप्त हुए.
* विधानसभा निहाय वाहन
बडनेरा में 255, अमरावती में 272, दर्यापुर में 140, अचलपुर में 136, मेलघाट में 337, तिवसा में 207, मोर्शी में 395 और धामणगांव रेल्वे में 232 वाहनों को चुनाव प्रचार के लिए लाउड स्पीकर लगाने की अनुमति आरटीओ ने दी थी.
* प्रचार वाहनों का महत्व
विधानसभा क्षेत्र विस्तृत होने से प्रचार रथों की आवश्यकता सभी जगह महसूस हुई. विस्तृत निर्वाचन क्षेत्र के कारण 14 दिनों के अंदर प्रत्येक वोटर तक पहुंचने की उम्मीदवारों की इच्छा प्रचार वाहनों के माध्यम से पूरी होती है. इस बार निर्दलीय प्रत्याशियों की भी अधिक संख्या थी. जिसके कारण पिछले 2019 की तुलना में अधिक वाहनों का उपयोग हुआ. प्रचारथ के साथ ही उद्घोषकों की भी डिमांड थी. इतना ही नहीं तो एलईडीयुक्त प्रचार रथों की मांग इस बार रही. चौराहों पर इन वाहनों को खडा कर प्रचार का काम किया गया. किराये से एलईडी देने वाले शामियाना संचालकों की इससे कमाई हो गई. प्रचारसभाओं मेें भी इसका उपयोग रहा.

Back to top button