रुग्णवाहिका चालकों का सात महीने से वेतन बकाया
लोकसेवा वाहन चालक संगठना ने जिलाधिकारी को सौंपा निवेदन

अमरावती-दि.25 जिले के ग्रामीण अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उपजिला अस्पताल, जिला स्त्री, जिला सामान्य अस्पताल में 102 क्रमांक की रुग्णवाहिका होकर यहां अश्कोण मेडिया प्रा.लित कंपनी की ओर से ठेका पद्धति पर करीबन 40 चालक काम कर रहे हैं. लेकिन गत सात महीने से वेतन न मिलने के कारण उन पर भूखमरी की नौबत आयी है. प्रलंबित वेतन तुरंत दे, अन्यथा 10 सितंबर से बेमियादी हड़ताल करने की चेतावनी लोकसेवा वाहन चालक संगठना ने जिलाधिकारी को निवेदन सौंपकर दी है.
रुग्णवाहिका चालकों के अनुसार, जिले के विविध प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय अस्पतालों में मरीजों के लिए 102 क्रमांक की जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत निःशुल्क सेवा का लाभ दिया जाता है. इसमें जिला स्त्री अस्पताल, उपजिला अस्पताल, प्रा. स्वास्थ्य केंद्र, जिला सामान्य अस्पताल में ठेका वाहन चालक पद पर कार्यरत है. इस पद का ठेका 2015 में राष्ट्रीय अभियान संचालक मुंबई से अश्कोण मेडिया प्रा. लि. कंपनी को दिया गया. संगठना का कहना है कि चालकों की समस्या के निराकरण के लिए जिले में कंपनी ने समन्वयकों का चयन नहीं किया. रुग्णवाहिका चालकों का कहना है कि अतिरिक्त काम का मोबदला न देना, संबंधित अधिकारी कर्मचारियों का दुर्लक्ष, टालमटोल उत्तर दिये जाते हैं.
अभियान संचालकों ने पुराने ठेकेदार को निकालकर नये ठेकेदार को अवसर दिया है. जिसके चलते पहले ही 5 महीने का वेतन प्रलंबित है, वहीं 2022 से नये ठेकेदार ने भी इन चालकों का वेतन प्रलंबित रखने का आरोप संगठना द्वारा किया गया है. जिसके चलते ठेकेदार का ठेका रद्द कर सीधे जि.प. व एनएचएम में ठेका स्वरुप का चयन करें, प्रलंबित वेतन सात दिन में दिया जाये, अन्यथा 10 सितंबर से बेमियादी आंदोलन करने की चेतावनी लोकसेवा वाहन चालक संघटना ने निवेदन द्वारा दी है.
इस समय सुरेन्द्र कोकाटे, अझरुद्दीन काझी, शरद निस्ताने, महेन्द्र चंदेल,अंकुश गवई,प्रकाशसिंग बेलोदे,अविनाश राऊत,विठ्ठल बावणे, आशिष मुंदे,रुपेश मेटकर,तुकाराम येवले,आशिष मुंडे,कमल धुर्वे, इकबाल शेख,निलेश शेंद्रे,अरुण झामरकर,दीपक मनोहरे, गणेश बावणे आदि उपस्थित थे.
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