अमरावती

संभाजी भिडे को नोटीस जारी, कार्रवाई को लेकर पुलिस गंभीर

तीन नोटीस दी जाएगी, अन्यथा पकड वॉरंट भी होगा जारी

अमरावती/दि.1 – श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्थान के संस्थापक प्रमुख व अपने समर्थकों में गुरुजी के नाम से विख्यात रहने वाले संभाजी भिडे के नाम पर स्थानीय राजापेठ पुलिस ने अपने समक्ष पेश होने के लिए पहली नोटीस जारी कर दी है. यदि पहली नोटीस मिलने के बाद भी संभाजी भिडे द्बारा पुलिस के सामने उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज नहीं करवाया जाता है, तो उनके नाम और दो नोटीसे जारी की जाएगी और इसके बावजूद भी संभाजी भिडे की प्रत्यक्ष पेशी नहीं होने पर उनके नाम अदालत से पकड वॉरंट जारी करवाया जाएगा. ऐसी जानकारी राजापेठ पुलिस स्टेशन की थानेदार सीमा दातालकर द्बारा दी गई है. जिसका सीधा मतलब है कि, संभाजी भिडे के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर पुलिस बेहद गंभीर है.
बता दें कि, विगत 27 जुलाई को सातुर्णा परिसर स्थित जयभारत मंगल कार्यालय में शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्थान के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई थी. जिसे संबोधित करते हुए संभाजी भिडे ने राष्ट्रपिता कहे जाते महात्मा गांधी को लेकर बेहद आपत्तिजनक वक्तत्व दिया था. जिसकी जानकारी सामने आते ही कांग्रेस ने स्थानीय स्तर से लेकर विधानसभा तक जमकर निषेध दर्ज कराया और संभाजी भिडे के खिलाफ कडी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई गई. अपनी इस मांग को लेकर कांग्रेस ने शहर में निषेध प्रदर्शन करने के साथ ही कलेक्ट्रेट पर भी जोरदार आंदोलन किया था और संभाजी भिडे को गिरफ्तार किए जाने की मांग की गई थी. इसी दौरान राजापेठ पुलिस ने संभाजी भिडे सहित शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्थान के स्थानीय पदाधिकारी निशादसिंह जोध व अविनाश मार्केंडेय के खिलाफ भादंवि की धारा 153 (अ), 500, 505 (2) व 34 के तहत अपराधिक मामला दर्ज किया था और इसी मामले में राजापेठ पुलिस ने अब संभाजी भिडे के नाम नोटीस जारी की है.
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए राजापेठ पुलिस स्टेशन की थानेदार सीमा दातालकर ने बताया कि, फिलहाल पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रहने वाले संभाजी भिडे के नाम पहली नोटीस जारी की है. जिसमें उन्हें आगामी 4-5 दिन के भीतर राजापेठ पुलिस के सामने उपस्थित रहकर अपना बयान दर्ज करने हेतु कहा गया है. अगर इस दौरान संभाजी भिडे खुद पेश होते है, तो उनका बयान दर्ज किया जाएगा. साथ ही यदि वे अपने वकील के मार्फत मोहलत मांगते है, तो उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें बयान दर्ज कराने हेतु पेश होने के लिए थोडा समय भी दिया जा सकता है. परंतु यदि पहली नोटीस पर संभाजी भिडे की ओर से कोई प्रतिसाद नहीं आता है, तो उनके नाम पर एक-एक कर और दो नोटिसे जारी की जाएगी तथा यदि किसी भी नोटीस पर कोई जवाब नहीं आता है, तो फिर उनके नाम पर अदालत के जरिए पकड वॉरंट जारी करवाया जाएगा. पीआई सीमा दातालकर के इस रुख को देखते हुए स्पष्ट है कि, पुलिस इस मामले को काफी गंभीरता से ले रही है.

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