
येवदा /दि. 23– पद का दुरुपयोग तथा कर्तव्य में कोताही कर वरिष्ठ कार्यालय तथा शासन निर्णय की अवमानना करने के मामले में येवदा ग्रापं की सरपंच प्रतिभा राजेंद्र माकोडे को सरपंच व सदस्य पद से अयोग्य घोषित किया गया है. बुधवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय ने यह निर्णय लिया. इस निर्णय की वजह से तहसील में हडकंप मचा है.
इस संदर्भ में शिवसेना ठाकरे गुट के प्रदीप वडतकर और सुयोग टोबरे ने याचिका दाखिल की थी. येवदा स्थित गांवठान सीमा की 1 लाख 50 हजार चौरस फिट की खुली जगह है. यह जगह सरकार से इजाजत लिए बगैर किसी को भी हस्तांतरित नहीं कर सकते. परंतु येवदा स्थित संपत्ति हस्तांतरण करने के बारे में कोई भी आदेश नहीं रहने पर भी ग्राम पंचायत ने इस संपत्ति का नियमबाह्य फेरफार लेकर निजी संस्था को गैरकानूनी पद्धति से जगह का नमूना-8-अ तैयार कर दिया और उस जगह का ताबा भी दिया है. उपरोक्त स्थाई संपत्ति की जानकारी दर्ज कर ताबा देने के संदर्भ में बडे प्रमाण में आर्थिक व्यवहार करने का आरोप किया गया है. इससे संबंधित सभी सबूत शिकायतकर्ता प्रदीप वडतकर व सुयोग टोबरे ने आयुक्त कार्यालय के समक्ष प्रस्तुत किए थे. उन कागजों की पडताल करते हुए सरपंच प्रतिभा राजेंद्र माकोडे ने अपने पद का गलत उपयोग तथा कर्तव्य में कोताही कर वरिष्ठ कार्यालय और शासन निर्णय की अवमानना करने का दिखाई देने पर महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम, 1959 की धारा 39 (1) के प्रावधान के अनुसार उन्हें सरपंच तथा सदस्य पद के लिए अयोग्य घोषित किया है. इस मामले में अर्जदार की ओर से एड. अरविंद गुडधे ने सक्षमता से पक्ष रखा. इस मामले में जमीन का हस्तांतरण करने से संबंधित सरपंच के खिलाफ फौजदारी कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग प्रदीप वडतकर व सुयोग टोबरे ने संभागीय आयुक्त से की है.