अमरावती

25 वर्ष से उपेक्षित पडा है साठे का पुतला

शिक्षा सभापति गंगा अंभोरे का छलका दर्द

अमरावती/दि.18– विगत 25 वर्षों से साहित्य सम्राट लोकशाहीर अण्णाभाउ साठे जैसे महामानव के पुतले की ओर किसी का कोई ध्यान नहीं है. जिस महामानव ने अपनी लेखनी से दलित, पीडित व शोषित समाज के दर्द को बया किया और भारत की आजादी के लिए अपनी शाहीरी से जनजागृति की. आज उन्हीं अण्णाभाउ साठे का पुतला अन्याय व उपेक्षा का शिकार है. इस आशय का प्रतिपादन मनपा की शिक्षा सभापति गंगा अंभोरे द्वारा किया गया.
सभापति व पार्षद गंगा अंभोरे के मुताबिक छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ ही साहित्य सम्राट अण्णाभाउ साठे भी महाराष्ट्र के आराध्य दैवत है. जिन्होंने समता व समानता के साथ ही संघर्ष का संदेश दिया. किंतु अमरावती की जिला पालकमंत्री यशोमति ठाकुर के दबाव में आते हुए दोनों महापुरूषों के पुतलों को प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के नाम पर हटा दिया गया. यह अपने आप में बेहद निंदनीय व शर्मनाक बात है. जिसके लिए अमरावती की जनता संबंधितों को कभी माफ नहीं करेगी. ऐसे में ज्यादा बेहतर रहेगा कि, पालकमंत्री, जिला प्रशासन व मनपा प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द दोनों पुतलों को उनके स्थान पर स्थापित किया जाये. अन्यथा इसकी प्रतिक्रिया स्वरूप घटित होनेवाली घटनाओं की जिम्मेदारी पालकमंत्री व प्रशासन पर होगी.

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