
* जन्म मृत्यु के दाखिले
अमरावती/दि.5- मराठा के अधिकांश पूर्वज कुणबी ही थे. जिससे सरकार ने अभी से लेकर 1948 के पहले के दस्तावेजों की जांच शुरु की है. जिसमें जन्म-मृत्यु के अभिलेख सबसे बड़े आधार बने हैं. यह बात जिले में प्राप्त आंकड़ों से स्पष्ट हुई है. संभाग में 33 लाख 57 हजार से अधिक प्रमाणपत्रों की जांच की गई, जिसमें से 5 लाख 58 हजार से अधिक प्रमाणपत्रों में कुणबी का उल्लेख मिला है. जांचे गए प्रमाणपत्रों में 18 लाख से अधिक प्रमाणपत्र जन्म और मृत्यु के अभिलेख होने का भी खुलासा हुआ है. राजस्व अभिलेखों में 1 लाख 39 हजार से अधिक कुणबी दर्ज मिला.
* मराठा नहीं कुणबी
जिले की अधिकांश तहसीलों में मराठा यह दर्ज ही नहीं है. इस संवर्ग के लोग पहले से ही जाति के कोष्ठक में कुणबी लिखते आये हैं. इसी कारण कुणबी मराठा अथवा मराठा कुणबी ऐसे उल्लेख दर्ज नहीं है. कुछ दस्तावेज जमा किए गए हैं. किन्तु ऐसे दस्तावेजों की संख्या नगण्य होने की जानकारी अधिकारियों ने दी.
* 1930 तक देखे कागजात
पुराने कागजात की जांच करते-करते अधिकारी 1930 के रिकॉर्ड तक पहुंचे थे. तब से लेकर अब तक लोगों द्वारा दिए गए कागजात उन्होंने देखे और जांचे. इस दौरान कुछ अन्य बातें भी सामने आयी है. किन्तु कुणबी मराठा या मराठा कुणबी का उल्लेख नहीं होने से इस क्षेत्र के सभी मराठाओं ने अपनी पहचान कुणबी होने की परंपरा कर दी, ऐसा कहना स्वाभाविक होगा.
* चार्ट
कौन से विभाग में कितने अभिलेख
विभाग जांच दर्ज
राजस्व 812569 139559
जन्म मृत्यु 1862497 337648
शैक्षणिक 447030 67103
भूमिअभिलेख 85188 9061
अन्य 149807 4788
कुल 3357091 558159