
अमरावती/ दि.17- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (युजीसी) व अ.भा. तकनीकी शिक्षा परिषद (एसआईसीटीई),राष्ट्रीय मूल्याकंन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक),(एनबीए) जैसी शासकीय मूल्यांकन समितियों व विभागों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उद्देश्य को देखते हुए देश के विद्यालयों वश्वविद्यालयों में अध्यापन कार्य करने वाले शिक्षकों के लिए रिसर्च पेपर प्रस्तुत व प्रकाशित करना अनिवार्य किया है. हालांकि कई शिक्षकों के सामने सबसे बडी समस्या यह होती है कि आखिर रिसर्च पेपर कैसे लिखा जाए. विषय का चुनाव प्रारुप, विषयों पर स्पष्ट करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दे, रिसर्च का प्रकार, शोध प्रविधि ऐसी कई समस्याएं होती है, जिसके चलते शोधकर्ता सही ढंग से अपने निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाते. दुविधा की इसी स्थिति के चलते कई शिक्षकों को रिसर्च पेपर लिखने में कई दिक्कतों का सामना करना पडता है. इसे देखते हुए जी.एच. रायसोनी विश्वविद्यालय अमरावती में शिक्षकों के लिए रसर्च पेपर लेखन कला विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार का उद्घाटन रायसोनी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विनायक देशपांडे ने किया. इस अवसर पर कुलसचिव स्नेहिल जासरुवाल, विद्यार्थी कल्याण विभाग के अधिष्ठाता प्रो. प्रशांत अवचट प्रमुख रुप से उपस्थित थे. सेमिनार में डॉ. शंकर अमलराज व डॉ. प्रशांत सिंह ने प्रशिक्षुओं को रिसर्च पेपर लेखन की सभी बारिकियों का प्रशिक्षण दिया. साथ ही रिसर्च से संबंधित तकनीकी ज्ञान व सॉफटवेयर की भी जानकारी दी.