शबरी आदिवासी घरकुल के काम तेज गति से करें
लक्ष्यपूर्ति के लिए पालकमंत्री यशोमति ठाकुर ने दिये अधिकारियों को निर्देश

अमरावती/प्रतिनिधि दि.२१ – आदिवासी विकास विभाग द्वारा शबरी आदिवासी घरकुल योजना अंतर्गत जिले में 361 घरों का लक्षांक निश्चित किया गया है. जिसे पूर्ण करने हेतु तेज गति से काम किये जाने चाहिए. इस आशय का निर्देश राज्य की महिला व बालविकास मंत्री तथा जिला पालकमंत्री यशोमति ठाकुर द्वारा जारी किये गये है.
इस संदर्भ में पालकमंत्री यशोमति ठाकुर ने बताया कि, राज्य में अनुसूचित जनजाति के जीन लोगों के पास रहने हेतु अपने खुद के घर नहीं है और जो कच्चे घरों व झोपडियों सहित अस्थायी निवास में रहते है, उन्हें घरकुल उपलब्ध कराने हेतु आदिवासी उपयोजना अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा शबरी आदिवासी घरकुल योजना चलायी जा रही है. इस योजना में अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का समावेश करते हुए उन्हें घरकुल दिलवाने हेतु वे खुद लगातार प्रयास कर रही है. जिसके चलते वर्ष 2021-22 के लिए 661 घरों का लक्ष्यांक प्राप्त हुआ है. जिसके अनुसार परिपूर्ण नियोजन करते हुए कामों को गतिमान किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि, विविध आवास योजनाओं के बीच समन्वय साधते हुए महाआवास अभियान के जरिये महाराष्ट्र में करीब 3 लाख 22 हजार लाभार्थियों को घरकुलों का लाभ मिला है. साथ ही जरूरतमंदों को विविध आवास योजनाओं का लाभ देने हेतु विशेष शिबिर भी आयोजीत किये गये. प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को घर दिलाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है. जिसके लिए समय-समय पर योजना के तहत किये जा रहे कामोें की समीक्षा करने और कामों को जल्द से जल्द पूरा करने की जरूरत है. इन कामों के लिए सरकार द्वारा निधी की कमी महसूस नहीं होने दी जायेगी, ऐसा भी पालकमंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा.
उन्होंने बताया कि, शबरी आवास योजना के लक्ष्यांक को लेकर आदिवासी विकास विभाग द्वारा सरकारी आदेश जारी किया गया है. जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में 1.20 लाख रूपये की सालाना आय रहनेवाले आदिवासी परिवारों को इस योजना के लिए पहली प्राथमिकता दी जायेगी. इसके साथ ही दिव्यांग लाभार्थियों को 5 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ-साथ दिव्यांग महिला लाभार्थियों को योजना में प्राथमिकता दी जायेगी.