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कोरोना का परिणाम
अमरावती/प्रतिनिधि दि.२७ – लगातार बढ़ रही जनसंख्या पर नियंत्रण पाने के लिए जिला परिषद को 12997 नागरिकों की नसबंदी कराने का लक्ष्य दिया गया था. लेकिन कोरोना महामारी के बढ़ते प्रभाव की वजह से स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना से निपटने में व्यस्त हो गई है, जिसके चलते अब तक केवल 2839 नागरिकों की नसबंदी करायी गई है. जिसका प्रतिशत 21.84 फीसदी है.विगत 1 अप्रैल 2020 से 28 फरवरी 2021 तक जिले के चिखलदरा, वरुड, अचलपुर, मोर्शी, धामणगांव रेल्वे,नांदगांव खंडेश्वर, भातकुली, दर्यापुर, धारणी, अमरावती,तिवसा,चांदूर बाजार,चांदूर रेल्वे, अंजनगांव सुर्जी पंचायत समिति अंतर्गत 2839 शल्यक्रिया की गई. अमरावती जिले के अचलपुर पंचायत समिति अंतर्गत सर्वाधिक 636 शल्यक्रिया की गई. वहीं सबसे कम 42 शल्यक्रिया अंजनगांव सुर्जी पंचायत समिति अंतर्गत की गई है.
बीते वर्षभर से कोरोना के चलते सभी समूहों पर परिणाम हुआ है. स्वास्थ्य यंत्रणा कोरोना से निपटने के लिये प्रयास कर रही है. वहीं दूसरी ओर जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार कल्याण विभाग व्दारा विविध योजनाएं चलायी जाती है. लेकिन कोरोना महामारी का असर स्वास्थ्य विषयक योजनाओं पर भी हुआ है. जिसमें नसबंदी शल्यक्रिया योजना का समावेश है. परिवार कल्याण शल्यक्रिया में नियमित,बगैर टांके,एनएसवी, बगैर टांके के लेप्रोस्कोपी, टांका एफडोमिनल के प्रकार है. इनमें से एक प्रकार चुना जा सकता है.
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पूरा किया गया लक्ष्य
पंचायत समिति उद्दीष्ट
चिखलदरा 322
वरुड 470
अचलपुर 636
मोर्शी 280
धामणगांव रेलवे 172
नांदगांव खं. 157
भातकुली 132
दर्यापुर 161
धारणी 161
अमरावती 97
तिवसा 69
चांदूर बाजार 96
चांदूर रेल्वे 44
अंजनगांवसुर्जी 42
कुल 2839
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शल्यक्रिया करने वालों को दी जाती है सहायता
नसबंदी कराने के लिये नागरिक तैयार हो, समाज में जनजागृति की जा सके, इस उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से बीपीएल धारक महिलाओं की नसबंदी कराने के बाद राज्य सरकार की ओर से 600 रुपए और पुरुषों को 351 रुपए तथा केंद्र सरकार की ओर से पुरुष व महिलाओं को प्रत्येकी 1100 रुपए दिये जाते हैं. महिलाओं को 1600 और पुरुषों को 1451 रुपयों की निधि दी जाती है.
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उद्दीष्ट लगातार दूसरे वर्ष कम हुआ
परिवार कल्याण शल्यक्रिया में कमी आने का यह लगातार दूसरा साल रहा. बीते वर्ष स्वास्थ्य विभाग को नसबंदी के मुद्दे पर पीछे हटना पड़ा था. गत वर्ष अमरावती जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग को 10,605 का लक्ष्य दिया गया था. इनमें से 2,392 का लक्ष्य पूरा किया गया था. इस वर्ष कोरोना काफी देरी से आया, फिर भी यंत्रणाएं उद्दीष्ट पूरा नहीं कर पायी.
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कोरोना से कम हुआ प्रतिसाद
जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग को प्रति वर्ष परिवार कल्याण शल्यक्रिया के लिये उद्दीष्ट दिया जाता है. इस वर्ष 12,997 नागरिकों का उद्दीष्य दिया गया था. लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रकोप और अनेक बाधाओं के चलते नसबंदी को लेकर लोगों का बेहतर प्रतिसाद नहीं मिला. बावजूद इसके 2839 का उद्दीष्ट स्वास्थ्य विभाग ने पूरा किया. – डॉ. दिलीप रणमले, जिला स्वास्थ्य अधिकारी