सोयाबीन घर में ही : भाव बढने के लिए 4 माह इंतजार करना पडेगा
सोयाबीन बेचने की जल्दी न करे, ऐसा व्यापारियोें का कहना

धामणगांव रेलवे-/ दि. 9 खेत में सोयाबीन फसल लहरा रही है बाजार भाव आसमान पर पहुंच गया है. सोयाबीन को सोने का भाव मिलने का देखकर किसानों की आशा पल्लवित हो गई थी.
किंतु खेत में से सोयाबीन निकलकर बाजार में आने के बाद भाव कम हो गया. सोयाबीन का भाव साडे चार हजार से साडे पांच हजार होने से किसानों ने सोयाबीन को घर में ही रखा वे भाव बढने के इंतजार में है. इस दौरान सोयाबीन की प्रदेश में मांग बढी है. भाव चार माह में अवश्य बढेगा. जिसके कारण किसान सोयाबीन बेचने की जल्दी न करें ऐसा व्यापारियोें का कहना है.
खरीफ सीजन पर किसानों का आर्थिक गणित निर्भर रहता है. केवल 90 दिन में आनेवाली फसल के रूप में सोयाबीन की पहचान है. जिले में खरीफ सीजन में सोयाबीन की फसल सबसे अधिक फसल ली जाती है. विगत सीजन में सोयाबीन की कीमत प्रति क्विटल 10 हजार रूपये थी. किसानों के पल्ले कुछ भी नहीं पडा. इससे पूर्व भाव अधिक मिला. किंतु फिर भाव कम हो गया. जिसके कारण भाव बढने तक किसानों को 4 माह तक इंतजार करना पडेगा.
इस बार दुबारा बुआई, तणनाशक फवारणी, उसमें कटाई का खर्च ऐसा एकड 14 से 15 हजार रूपये खर्च आता है. जिसके कारण साढे चार हजार में सोयाबीन बेचकर खर्च भी नहीं निकलता
निरंजन रोंघे, जुने धामणगांव, किसान
विगत वर्ष में सोयाबीन को अधिक भाव था. इस बार अतिवृष्टि व निरंतर बारिश के कारण सोयाबीन हाथ से निकल गया. जैसे तैसे सोयाबीन की फसल घर आयी. अब भाव नहीं जिसके कारण क्या करे कुछ सूचना नहीं.
विठ्ठल कोपरे, झाडा, किसान
चार माह इंतजार करना पडेगा
विगत वर्ष में रोज 3 से 4 क्विंटल सोयाबीन की आवक राज्य में होती थी. इस बार डेढ लाख पर आ गई है. विदेश में भविष्य में इसकी मांग बढने के इंतजार में तीन माह तक सोयाबीन घर में ही रखा. किसानों को अवश्य भाव मिलेगा.
मनीष केला, व्यापारी,धा.रे.
सोयाबीन तेल का काम करनेवाले कम हो गए है. जिसके कारण सोयाबीन भाव कम हो गए है. आगामी अप्रैल माह में एक से दो हजार रूपए प्रति दर से भाव बढने की संभावना है जिसके कारण फिलहाल सोयाबीन बेचने की जल्दी न करें.
चंद्रकांत पसारी, व्यापारी, धा. रे.
सोयाबीन के भाव
बाजार समिति दर ( प्रतिक्विंटल)
धामणगांव 4400-5495
दर्यापुर 4400-5400
अमरावती 4400-5350
अंजनगांव 4400-5450