स्टोन क्रशर उद्योजकों को उच्च दाब विद्युत आपूर्ति तत्काल शुरु करें
अन्यथा करेंगे सबक सिखाओ आंदोलन, शिवसेना की महावितरण से मांग, मुख्य अभियंता को सौंपा ज्ञापन

अमरावती/दि.25– शहर के नागपुर मार्ग पर वडगांव माहोरे परिसर में स्टोन क्रशर उद्योजकों को दैनंदीन कम दबाव की विद्युत आपूर्ति करने से परेशानी होती है. यह समस्या स्थायी रुप से हल करने के लिए उच्च दाब विद्युत आपूर्ति तत्काल शुरु करने की मांग की गई. स्टोन क्रशर व्यवसायियों की शिकायत की दखल लेने की बजाय उन्हें टालमटोल जवाब देने वाले विद्युत वितरण कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारियों पर तत्काल अनुशासन भंग की कार्रवाई किये जाने की मांग लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) के जिला प्रमुख अरुण पडोले ने महावितरण के मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा.
निवेदन में उल्लेख किया गया है कि, शहर की सीमा में मनपा अंतर्गत आने वाले नागपुर महामार्ग पर स्थित वडगांव माहोरे परिसर में बडे प्रमाण में स्टोन क्रशर उद्योजकों के गिट्टी क्रशर उद्योग हैं. किंतु विद्यमान स्थिति में इन गिट्टी क्रशर व्यवसायियों के समक्ष विद्युत आपूर्ति की बडी गंभीर समस्या निर्माण हो गई है. इन गिट्टी व्यवसायियों की ओर से शिवसेना को प्राप्त शिकायत के अनुसार वडगांव माहोरे परिसर के स्टोन क्रशर उद्योगों को निर्धारित उच्च दाब के अनुसार आपूर्ति न होकर कम दाब के स्वरुप में हो रहा है. जिसके कारण इन स्टोन क्रशर व्यवसायियों के समक्ष बार-बार उत्पादन ठप पडने की गंभीर समस्या निर्माण हो गई है तथा इस समस्या का प्रमाण दिनोंदिन बढता जा रहा है. ऐसे में इन उद्योजकों की इस समस्या को तत्काल हल नहीं किया गया तो यह उद्योग बंद हो सकते हैं. जिसके कारण शहर व जिले के निर्माण कार्य बंद हो सकते हैं. इन स्टोन क्रशर, गिट्टी व्यवसायियों की उपरोक्त शिकायत का निराकरण करने हेतु व्यवसायियों के जिलास्तरीय संगठन द्वारा इन उद्योजकों को कम दबाव की विद्युत आपूर्ति के संबंध में विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित अधिकारियों को लिखित, मौखिक शिकायत अनेकों बार की गयी. किंतु वहां उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी इन उद्योजकों के साथ अच्छा व्यवहार न करते हुए उन्हें टालमटोल जवाब देकर रवाना कर देते हैं. ऐसे में इस शिकायत द्वारा शिवसेना की ओर से आपको गंभीरतापूर्वक सूचित किया जाता है कि, वडगांव माहोरे परिसर के स्टोर क्रशर व गिट्टी उत्पादकों को दिया जाने वाला विद्युत प्रवाह उच्च दाब पद्धति से किया जाये. इसके लिए योग्य कार्रवाई व उपाययोजना करके इन व्यवसायियों को राहत प्रदान करें. साथ ही टालमटोल जवाब देने वाले विद्युत कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों की जांच करके उन पर तत्काल अनुशासन भंग की कार्रवाई की जाए, अन्यथा ‘सबक सिखाओ’ आंदोलन किया जाएगा. इस आशय का निवेदन शिवसेना के अरुण पडोले ने महावितरण के मुख्य अभियंता को सौंपा. उपरोक्त निवेदन की प्रतिलिपी राज्य के उर्जा मंत्री अतुल सावे तथा उद्योग मंत्री उदय सामंत को भी प्रेषित की गई है.