अमरावतीमहाराष्ट्र

शहर सहित जिले में आवारा कुत्तों का ‘हैदोस’

लगातार घटित हो रही श्वान दंश की घटनाएं

* आवारा कुत्तों के निर्बिजीकरण पर सवालिया निशान
* मनपा व जिला प्रशासन आरोपों के कटघरे में
अमरावती /दि.20– विगत लंबे समय से अमरावती शहर सहित जिले में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ रही है और सडकों पर इधर-उधर भटकने वाले आवारा कुत्तें पैदल राहगिरों सहित वाहन चालकों पर हमला करते हुए उन्हें नोच रहे है. जारी वर्ष के दौरान जनवरी से दिसंबर तक 12 माह में अमरावती जिले में लगभग 20 हजार से अधिक नागरिकों को कुत्ता कांटने की वजह से सरकारी अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती कराया गया. इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि, अमरावती जिले में रोजाना श्वान दंश की 58 घटनाएं घटित हो रही है. इससे आवारा कुत्तों की दिनोंदिन गंभीर होता जा रही समस्या का अंदाज लगाया जा सकता है.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, विगत कुछ समय से अमरावती महानगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों का उत्पात बेहद गंभीर मोड पर पहुंच गया है. रात बे रात के वक्त सडकों पर आवारा घुमने वाले कुत्तें रास्ते से गुजरने वाले पैदल राहगिरों व दुपहिया वाहन चालकों को अचानक ही घेरकर उन पर धावा बोल देते है और कई बार आवारा कुत्तों का झुंड ऐसे लोगों को काट खाता है. इन दिनों कई रिहायशी बस्तियों में घरों सहित होटलों व मंगल कार्यालयों से निकलने वाले बांसी भोजन को खुले में लाकर फेंक दिया जाता है तथा ऐेस स्थानों पर भोजन की तलाश में आवारा कुत्तों का झूंठ इकठ्ठा होना शुरु हो जाता है. इसके साथ ही विगत लंबे समय से सडकों पर आवारा घुमने वाले कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने हेतु चलाया जाने वाला निर्बिजीकरण अभियान भी बंद पडा है. जिसके चलते आवारा कुत्तों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो रही है. जिसकी वजह से समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है और इससे निपटने हेतु प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी कदम नहीं उठाये जा रहे.

* कहां कितने श्वान दंश
अमरावती           10146
धारणी                2324
अंजनगांव           1830
अचलपुर            1003
मोर्शी                837
नांदगांव             624
वरुड                 606
चांदूर रेल्वे          604
तिवसा               581
भातकुली           404
धामणगांव         309
चूरणी               94

* अमरावती मनपा क्षेत्र में आवारा कुत्तों के निर्बिजीकरण का काम वर्ष 2017 से बंद पडा है. वहीं अब एक एजेंसी को कुत्तों के निर्बिजीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
– डॉ. सचिन बोंद्रे,
पशु शल्यचिकित्सक,
अमरावती मनपा.

* सरकारी अस्पताल में निशुल्क मिलता है रैबिज का इंजेक्शन
– कुत्ते के काटे जाने के बाद रैबिज की विषाणुजन्य बीमारी होने का खतरा होता है. ऐसे में यह बीमारी न हो, इस हेतु सरकारी अस्पताल में एन्टी रैबिज का इंजेक्शन नि:शुल्क दिया जाता है.
– एंटी रैबिज बेहद आवश्यक कुत्ते या किसी भी अन्य प्राणी के कांटे जाने के बाद एंटी रैबिज का इंजेक्शन लेना बेहद जरुरी होता है और सभी सरकारी अस्पतालों में यह इंजेक्शन पूरी तरह से नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है.

* श्वान दंश की सर्वाधिक घटनाएं शहर में
जनवरी से नवंबर माह के दौरान जिले में श्वान दंश की 20 हजार से अधिक घटनाएं हुई. जिसमें से 10 हजार 146 घटनाएं अमरावती शहर में ही हुई है. श्वान दंश का शिकार सभी लोगों का जिला सामान्य अस्पताल में इलाज कराया गया.

* सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबिज इंजेक्शन पूरी तरह से नि:शुल्क मिलता है. विगत 12 माह के दौरान जिले के सरकारी अस्पतालों में लगभग 20 हजार से अधिक लोगों ने श्वान दंश का शिकार होकर अपना इलाज करवाया.
– डॉ. दिलीप सौंदले,
जिला शल्यचिकित्सक,
जिला सामान्य अस्पताल अमरावती.

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