तकनीकी ज्ञान की मदद से ग्रामीण स्वास्थ्य यंत्रणा करें मजबूत
समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री बच्चू कडू ने दिए निर्देश

* प्रायोगिक तत्व पर ग्रामीण भाग में टेलिमेडिसीन सेवा
अमरावती/दि.8– ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को विशेष उपचार व कुशल तज्ञों का मार्गदर्शन मिलने हेतु अद्यावत तकनीकी ज्ञान प्रणाली व यंत्रणा का इस्तेमाल करें, धारणी व चिखलदरा समान दुर्गम भागों के रुग्णालयों में टेलिमेडिसीन प्रणाली सुचारु व नियमित की जाये, यहां के नागरिकों को पुणे, मुंबई, नागपुर के तज्ञ डॉक्टरों से उपचार दिलवाये, इसी तरह प्रायोगिक तत्व पर ग्रामीण भाग में टेलिमेडिसीन सेवा शुरु होने के उद्देश्य से प्रयास किए जाये, ऐसे निर्देश जलसंपदा व लाभक्षेत्र मंत्री बच्चू कडू ने दिए.
जलसंपदा राज्यमंत्री बच्चू कडू ने स्वास्थ्य विभाग के साथ ही सार्वजनिक निर्माणकार्य विभाग की समीक्षा शासकीय विश्रामगृह में स्वतंत्र बैठक द्वारा ली. इस समय वे बोल रहे थे. जिला शल्य चिकित्सक डॉ. प्रमोद निरवणे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिलीप रणमले, अचलपुर उपजिला अस्पताल के डॉ. सुरेन्द्र ढोले, चिखलदरा ग्रामीण अस्पताल के वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. संजय पवार, डॉ. रवीन्द्र चव्हाण, चुरणी के वैद्यकीय अधीक्षक रामदेव वर्मा आदि उपस्थित थे.
राज्यमंत्री कडू ने कहा कि धारणी, चिखलदरा के साथ ही समीप के अचलपुर, चांदूर बाजार, अकोट के अस्पतालों में भी अद्यावत तकनीकीज्ञान प्रणाली विकसित की जाये, अस्पतालों में डिजिटल कक्ष बनाया जाये. तकनीकी दृष्टि से इस कक्ष मेें सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाये, सभी तज्ञ डॉक्टरों से संपर्क साधकर दूरदृष्य प्रणाली द्वारा उनकी उपलब्धता की समयसारिणी के अनसार मरीजों पर उपचार किया जाये. इस बाबत की जानकारी देने वाला फलक रुग्णालय में लगाया जाये, बालरोग, स्त्री रोग, हृदय रोग, यकृत, मेंदू रोग, मानसिक बीमारी, पुरानी बीमारी आदि बीमारियों पर पाचारण किया जाये. ओइसके लिए सामाजिक उत्तरदायित्व निधी की मदद ली जाये, ऐसे निर्देश भी उन्होंने दिये.
टेलिमेडिसीन सेवा चलाने के लिए इंटरनेट सेवा सुचारु होना आवश्यक है. ऐसी सुविधा करने के निर्देश उन्होंने दिए. राज्यमंत्री ने निर्माणकार्य विभाग के विविध कामों की समीक्षा ली.