
अमरावती/दि.1 – किसानों की विद्युत आपूर्ति को खंडित नहीं करने, खेतों में लगे ट्रान्सफार्मर को बिना शर्त दुरुस्त करने तथा खेतों में खडी फसल को नष्ट करने वाले वन्य प्राणियों का वन विभाग द्बारा त्वरित बंदोबस्त किए जाने इन तीन प्रमुख मांगों को लेकर प्रहार जनशक्ति पार्टी द्बारा स्थानीय वनविभाग कार्यालय के समक्ष आज मुक्काम आंदोलन किया गया. साथ ही अपनी मांगों को लेकर प्रहार जनशक्ति पार्टी की ओर से जिलाधीश के जरिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम एक ज्ञापन भी भेजा गया.
आंदोलनकारी प्रहारियों का कहना रहा कि, विगत 3-4 वर्षों से महाराष्ट्र के किसान प्राकृतिक आपदाओं से काफी हैरान परेशान हो गए है. ऐसे में किसानों को संभालने हेतु तत्काल ही ठोस निर्णय लेने की जरुरत है. लेकिन इस संदर्भ में बार-बार ज्ञापन व निवेदन देने के बावजूद वनविभाग तथा स्थानीय प्रशासन द्बारा कोई कदम नहीं उठाए जा रहे. जिसके चलते प्रहार जनशक्ति पार्टी ने वनविभाग के समस्य मुक्काम आंदोलन करने का निर्णय लिया. इस आंदोलन में प्रहार जनशक्ति पार्टी के संजय देशमुख, नीलेश येरवे, अक्षय औतकर, अर्जुन तंवर, मंगेश देशमुख, विनोद जवंजाल, सुभाष मेश्राम, प्रफुल बरडे, अजय तायडे, सुनील मोहोड, रुपेश येरवे, प्रशांत राउत, अंकुश गायकवाड, नरेंद्र काकडे व योगेश लोखंडे आदि सहित अनेकों पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे.