
अमरावती/ दि.28-इवेंट कन्टेंट राइटर सुनील राठी समरशेष को हाल ही में बनारस के मालवीय सभागार में दो दिवसीय कविकुंभ में सहभागी होने और काव्यपाठ का अवसर मिला. सुनील राठी ने बताया कि उन्होंने काशी विश्वनाथ को अपनी कविता में सूत्रधार के रूप में प्रस्तुत कर अन्याय करने और सहनेवालों की बात रखी. सहनशीलता की सीमा होने का संदेश दिया. राठी ने बनारस में गंगातट पर काव्य पाठ के लिए स्वयं के सौभाग्यशाली बताया.
सुनील राठी संघर्षमय जीवन जीए हैं. विपरीत परिस्थितियों से दो चार होते हुए राठी ने कलम को हथियार बनाया. वे श्री स्वामी समर्थ, बोर्डिग स्कूल राजकुमार कॉलेज और मुंबई शहर को अपनी रचना धर्मिका का श्रेय देते हैं. मातृभाषा हिन्दी संगठन एवं संपूर्ण कार्यकारिणी काशी का सामाजिक संदेश के लिए मंच प्रदान करने के लिए उन्होंने आभार भी व्यक्त किया. उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर वाराणसी विकास प्राधिकरण के अम्बरीष सिंह भोला, काशी सेवा समिति के सभापति डॉ. रामावतार पाण्डेय, वरिष्ठ भाजपा नेता रितेश कुमार सिंह की उपस्थिति रही.