अमरावती

कोरोना से विधवा हुई महिलाओं को मिशन वात्सल्य का लाभ

विविध योजना, तहसील बैठकें कब होगी नियमित?

अमरावती/दि.4– कोरोना संसर्ग से हुई विधवा महिला की सहायता के लिए सरकार ने मिशन वात्सल्य योजना शुरु की है. इसके अंतर्गत विविध 21 योजनाओं का लाभ इन महिलाओं को मिल सकता है, लेकिन तहसीलस्तर समिति की बैठक नियमित न होने से अनेक लाभार्थियों के प्रकरण रुके हुए होने का आरोप लगाया जा रहा है.
जिले में अब तक 1,592 कोरोना से मृत्यु हुई है. इनमें से 1,500 की मृत्यु कोरोना की तीसरी लहर में हुई है. अब मृतक के वारिस को 50 हजार की आर्थिक सहायता की जा रही है. विधवाओं की मदद के लिए मिशन वात्सल्य यह योजना शुरु की गई है. 27 अगस्त 2021 को शुरु हुई इस योजना की तहसील बैठक नियमित रुप से नहीं होने का आरोप नागरिकों द्वारा किया जा रहा है. जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 1,038 आवेदन प्राप्त हुए हैं. सामाजिक न्याय व विशेष सहायक योजना के लिए 331 आवेदन संशोधित हुए. 208 आवेदन पात्र ठहराये गए.

तहसीलनिहाय   मंजूर आवेदन
अमरावती          45
अचलपुर           08
भातकुली           04
नांदगांव खं.       31
चांदूरबाजार       11
तिवसा             02
धामणगांव        09
अंजनगांव         03
चांदूररेल्वे         35
मोर्शी               29
वरुड               16
दर्यापुर            10
धारणी             04
चिखलदरा        09

अचलपुर, अंजनगांव, तिवसा तहसील पीछे
सामाजिक न्याय व विशेष सहायतायोजना में अचलपुर तहसील में आठ, तिवसा तहसील में दो तो अंजनगांव सुर्जी तहसील में तीन लाभार्थी महिलाओं के आवेदन मंजूर किए गए हैं. इन तहसीलों में समिति की बैठकें बढ़ाने की आवश्यकता है. बावजूद इसके अन्य योजनाओं का भी लाभ मिलने के लिए प्रयास करना जरुरी है.
* अमरावती, चांदूर रेल्वे में अधिक लाभार्थी
सामाजिक न्याय योजना अंतर्गत अमरावती शहर में 25 व ग्रामीण में 20, चांदूर रेल्वे तहसील में 35 तो नांदगांव खंडेश्वर तहसील में 31 महिलाओं को लाभ दिया गया है. संबंधित योजना की यंत्रणा द्वारा लगातार बैठकें आयोजित किये जाने से लाभार्थी संख्या बढ़ने का चित्र दिखाई दे रहा है.
* 309 वारिसों को भी 50 हजार का लाभ
न्यायालय के आदेश के बाद कोरोना के कारण मृत व्यक्ति के वारिसों को 50 हजार का लाभ दिया गया है. इसके लिए जिले में 3,893 आवोदों को राज्यस्तर से मान्यता दी गई है फिर भी 10 मार्च तक सिर्फ 309 वारिसों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष 50 हजार की सहायता जमा की गई है.

शासनादेश से तहसीलस्तरीय बैठक लेकर एवं तहसील के क्षेत्रीय यंत्रणा की सहायता से लाभार्थियों की खोजबीन की गई. अब तक 208 आवेदन विशेष सहायता योजना में पात्र ठहराये गए हैं.
– राजीव वानखडे, नायब तहसीलदार
(सामाजिक न्याय, विशेष सहायता योजना), जिलाधिकारी कार्यालय

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