
* बोलकर दिखाया अपना अतीव आनंद
* जिले के मेधावी छात्रों ने हवाई यात्रा का लिया अनुभव
* देश की राजधानी में देखा राष्ट्रपति भवन, किला और नई संसद
* 14 तहसील के 28 छात्रों की दिल्ली वारी
अमरावती/दि.1-जिन छात्रों ने स्कूल में आयोजित परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए हैं या जो छात्रवृत्ति से पहले परीक्षा में मेरिट सूची में आए हैं, उन्हें अमरावती जिला परिषद ने शानदार पुरस्कार दिया है. जिले के सभी 14 तहसीलों के कुल 28 मेधावी छात्रों को जिला परिषद प्रशासन की ओर से पुरस्कार के रूप में हवाई यात्रा करवाई गई. अमरावती से दिल्ली तक वातानुकूलित कोच में यात्रा करने के बाद 28 मेधावी छात्र तीन दिनों तक भारत की राजधानी दिल्ली में रहे. उनकी वापसी यात्रा विशेष उडान से दिल्ली और नागपुर के बीच थी. ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को नई दुनिया से परिचित कराने के उद्देश्य से अमरावती जिला परिषद द्वारा क्रियान्वित इस अभिनव पहल को लेकर सराहना की जा रही है. वहीं बच्चे यात्रा से लौटने के बाद अब तक रोमांचित है. अपनी यात्रा की उत्साह से चर्चा करते नहीं थक रहे है.
अभियान का उद्देश्य अमरावती जिले के सभी 14 तहसीलों के लिए महत्वपूर्ण है. प्रत्येक तहसील से दो, ऐसे कुल 28 छात्रों को दिल्ली भेजा गया था. विभिन्न परीक्षाओं में मेरिट सूची में आए कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को यह अवसर दिया गया. 25 से 27 मार्च के बीच इस विशेष यात्रा के दौरान डॉ. सुनीता लहाने-ढोक, भारती कासे, डॉ. आशीष पांडे और वीरेंद्र ब्राह्मणे यह चार शिक्षक भी साथ थे. जिन बच्चों ने अभी तक अपना गांव भी नहीं छोडा है, उन्हें बाहरी दुनिया के बारे में जानना चाहिए, उनके शैक्षिक दृष्टिकोण को गहरा करना चाहिए. मूल्यवान अनुभव जो किताबों, घर से बाहर की शिक्षा, से नहीं सीखे जा सकते, इसकी जानकारी होने के उद्देश्य से यह उपक्रम लिया गया. मैं खुद 22 साल की होने के बाद पहली बार हवाई जहाज में बैठी हूं. अब इन बच्चों को यह मौका मिलने से वे खूब पढ-लिखकर आगे जाएंगे, ऐसा आत्मविश्वास उनमें निश्चित निर्माण हुआ. इस उपक्रम से अन्य विद्यार्थी भी उत्साहित होंगे. वे अच्छी पढाई करेंगे. अगले साल भी हवाई यात्रा का अवसर देंगे, यह बात सीईओ संजीता मोहपात्रा ने कही.
* ऐसे हुई यात्रा
25 मार्च की सुबह सभी 28 छात्र और उनके चार शिक्षक उडान के लिए सुबह जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एकत्र हुए. यहां जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने विद्यार्थियों को संक्षिप्त मार्गदर्शन दिया. इसके बाद वे सभी सुबह 9.10 बजे बडनेरा रेलवे स्टेशन से ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए. ट्रेन में वातानुकूलित कोच में सभी का आरक्षण था. अगले दिन सुबह 5 बजे उठने के बाद दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक अच्छे होटल में रहने और खाने का इंतजाम किया गया. पहले दिन इंदिरा गांधी म्यूजियम का दौरा किया. दूर से राष्ट्रपति भवन देखा. हालांकि, वहां के संग्रहालय में विभिन्न ऐतिहासिक वस्तुएं देखीं. जिसे देखकर बच्चे मंत्रमुग्ध हो गए. इसके बाद कुतुबमीनार देख. और इसका इतिहास जाना, ऐसा मार्डी गांव की रहने वाली और अमरावती शहर के गर्ल्स हाई स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा संस्कृति उमेश कडू ने बताया. इस यात्रा की जानकारी देने के लिए दिल्ली से एक गाइड हमारे साथ था. अक्षरधाम मंदिर, लाल किला और लोटस टेम्पल देखा, ऐसा संस्कृति ने बताया.
* एयर होस्टेस से संवाद, पायलट ने दी चॉकलेट
वापसी का सफर हवाई जहाज से था. जब सभी लोग एयरपोर्ट पहुंचे तो सभी छात्रों में एक अलग ही उत्सुकता थी. आज तक किसी ने हवाई जहाज को करीब से नहीं देखा था. अब हवाई जहाज से यात्रा करना आनंददायक था. विमान में चढने के बाद हमारे साथ आए शिक्षक ने हमें एयर होस्टेस से मिलवाया. कुछ बच्चों को पायलट के केबिन में जाकर भेंट की. संस्कृति ने कहा, पायलट ने हमें चॉकलेट दी.
* डेढ घंटे की उडान
हवाई अड्डे परसांसद बलवंत वानखडे, पूर्व मंत्री अनिल देशमुख ने अपने क्षेत्र के छात्रों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं. फ्लाइट में उनके साथ सांसद बलवंत वानखडे भी थे. जब विमान ने आसमान में उडान भरी तो कई छात्रों को सुनने में दिक्कत होने लगी. संस्कृति कडू कहा कि एक बार जब विमान ने आसमान में उडान भरी तो आसमान में बादल, नीचे छोटी-छोटी वस्तुएं, नदी को देखना एक अलग तरह का मजा था.
* यात्रा का भरपूर आनंद लिया
जिन छात्रों को हम अपने साथ दिल्ली ले गए उनमें से कुछ ने तो अपने गांव की सीमा भी पार नहीं की थी. ऐसे छात्रों के लिए दिल्ली में गाडियां, ट्रैफिक जाम, ऊंची-ऊंची इमारतें, बाहरी दुनिया देखना कई लोगों के लिए विस्मयकारी और चौंकाने वाला था.जब हम हवाईअड्डे पर पहुंचे तो छात्र आश्चर्यचकित रह गए क्योंकि वापसी यात्रा विमान से थी. हवाई अड्डे को देखकर आश्चर्यचकित रह गए, ऐसा शिक्षक डॉ. आशीष पांडे ने कहा.
* इन गांवों के छात्रों को मिला मौका
अमरावती तहसील के गर्ल्स हाईस्कूल, तिवसा तहसील के शेंदुर्जना, नांदगांव खंडेश्वर तहसील के दाभा, चांदूर रेल्वे तहसील के दहिगांव धावडे, चांदूर बाजार के सैफी नगर जिला परिषद शाला, चिखलदरा के वस्तापुर, धारणी तहसील के शिरपुर, धामणगांव रेल्वे तहससील के हिंगणगांव, मोर्शी तहसील के रिद्धपुर और नेरपिंगलाई, वरुड तहसील के खडका और करजगांव, अंजनगाव तहसील के विहिगांव, दर्यापुर तहसील के वडनेर गंगाई, अचलपुर तहसील मल्हारा और भातकुली तहसील के पेढी तथा हातुर्णा इन गांवों के छात्रों को हवाई यात्रा का मौका मिला.