अमरावतीमहाराष्ट्र

शव लावारिस मानकर कर दिया अंतिम संस्कार

संतप्त रिश्तेदारों का कोतवाली थाने में हंगामा

अमरावती/दि. 1– मृतावस्था में पाया गया युवक किसी थाना क्षेत्र से लापता है क्या? इस बाबत कोई भी पूछताछ न करते हुए पुलिस ने मृतक युवक को लावारिस मानकर दफना दिया. यह जानकारी मिलते ही रिश्तेदारों ने कोतवाली थाना पहुंचकर भारी हंगामा मचाया. इस हंगामे के कारण थाने में तनाव की स्थिति निर्माण हो गई थी. पश्चात पुलिस ने उपविभागीय अधिकारी की अनुमति से सोमवार को शव बाहर निकालकर रिश्तेदारों के हाथों अंतिम संस्कार करना मंजूर किया.

जानकारी के मुताबिक चवरेनगर निवासी प्रदीप अडांगे नामक युवक 22 दिसंबर को सब्जी लाने के लिए घर से बाहर निकला था. लेकिन पूरी रात घर नहीं लौटा इस कारण रिश्तेदारों ने उसके लापता होने की शिकायत 24 दिसंबर को कोतवाली थाने में दर्ज करवाई थी. लेकिन 22 दिसंबर को बडनेरा पुलिस को कोंडेश्वर टी-पाईंट के पास रात 8 बजे अज्ञात युवक का शव पडा रहने की जानकारी मिली. उन्होंने पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम गृह में रखा. पश्चात बडनेरा पुलिस ने खोज पत्रिका तैयार कर इस बाबत सभी को जानकारी दी. लेकिन रिश्तेदार तक पुलिस नहीं पहुंची. 3 दिन बाद बडनेरा पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम कर दफन विधि कर दी. दूसरी तरफ मृतक के रिश्तेदार उसकी तलाश में लगे थे. उन्होंने प्रदीप के फोटो के पाम्पलेंट तैयार कर शहर में जगह-जगह लगाए. साथ ही 31 दिसंबर को बडनेरा थाने में पाम्पलेंट बताकर पूछताछ की. तब प्रदीप की दुर्घटना में मृत्यु होने और 25 दिसंबर को उसकी दफन विधि करने की जानकारी दी गई. यह सुनते ही रिश्तेदार भौंचक्के रह गए.

यह घटना प्रदीप की रिश्तेदारों समेत चवरेनगर के नागरिकों को मिलते ही उन्होंने बडनेरा व कोतवाली थाने में दौड लगाई और रोष व्यक्त किया. भारी हंगामे के कारण वातावरण तनावपूर्ण हो गया था. इस कारण आला अफसरों को भी पुलिस स्टेशन पहुंचना पडा. लापता रहने की शिकायत दर्ज रहने के बावजूद रिश्तेदारों को जानकारी क्यों नहीं दी गई, ऐसा रोष मृतक के परिजन व रिश्तेदारों में था. दफनाया गया शव बाहर निकालकर उसका अंतिम संस्कार करने की मांग रिश्तेदारों ने की तब बडनेरा पुलिस ने सोमवार को उपविभागीय अधिकारी की अनुमति से शव बाहर निकालकर रिश्तेदारों को अंत्येष्टि के लिए सौंपने को मंजूरी दी. तब मामला शांत हुआ.

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