अमरावती

100 से 300 रुपए में मिलता है गरीबों का फ्रिज

परप्रांतों से आवक शुरु, ग्रीष्मकाल में छूटेगा पसीना

आकर्षक मटके, शितपेय, कूलर की मांग बढी
अमरावती/दि.4- दिनोंदिन तापमान बढते ही मटके की मांग बढने लगी है. राजापेठ, नवाथे, गर्ल्स हाईस्कूल चौक, वीएमवी परिसर में जगह-जगह लाल, काली मिट्टी और विभिन्न रंगों के मटके और नल लगे मटकों की दुकान सज गई है. सभी नागरिक मिट्टी के इन मटकों की खरीदी करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इसके अलावा रंगबिरंगे और कलाकृति मटकों की काफी मांग है. मटकों के आकार के मुताबिक 100 रुपए से लेकर 300 रुपए तक इन व्यवसायियों के पास मटके उपलब्ध है.
तापमान बढने से प्यास बुझाने और धूप से राहत पाने के लिए नागरिक अभी से शितपेय का आधार लेने लगे है. इस कारण शहर के विभिन्न मार्गो पर फुटपाथों पर शितपेय की दुकानें अभी से लगी हुई दिखाई देेने लगी है. तापमान बढते ही मटकों की मांग भी बढती है. लाल और काली मिट्टी से बनाए गए मटके ठंडे पानी के लिए अच्छा पर्याय माना जाता है. इन मटकों को गरीबों का फ्रिज भी कहा जाता है. गुजरात, राजस्थान से आए मटकों की विशेष मांग है. वर्तमान में तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. धूप की तपन मार्च, अप्रैल और मई माह में नागरिकों को इस बार काफी महसूस होने वाली है. इस कारण नागरिक ग्रीष्मकाल में काफी परेशान होंगे, ऐसा दिखाई देता है. इस बार मटकों की मांग काफी है लेकिन साथ ही उसके मूल्य में भी बढोतरी हुई है. इस बार कोयला, भूसा और मिट्टी के भाव बढने से मटके के दाम बढे रहने की जानकारी मटका विक्रेता ने दी. इस कारण मटकों में मूल्य में इस बार 20 से 25 प्रतिशत वृद्धि हुई दिखाई देती है. मिट्टी के मटकों का पानी यह नैसर्गिक रुप से ठंडा होता है. फ्रिज खरीदी करने की जिनकी परिस्थिति नहीं है वे ग्रीष्मकाल में विशेष रुप से मटका खरीदी करते है.
* हर चौराहे पर रसवंती
पतझड श्ाुरु हुई की ग्रीष्मकाल की शुरुआत हो जाती है. रंगपंचमी के बाद धूप की तपन अधिक होती है. इस बार जल्द सूरज आग उगलने लगा है. पिछले दो-तीन दिनों से नागरिक वैसा अनुभव भी ले रहे है. तापमान में दिनोंदिन बढोतरी हो रही है. एक सप्ताह में तापमान 7 डिग्री सेल्सियस बढा है. इस कारण हर चौराहे पर रसवंती शुरु हो गई है. तापमान बढने से नागरिक गन्ने का रस पसंद कर रहे है. इसके अलावा अन्य भी शितपेय को पसंद किया जा रहा है.
* समय बदला लेकिन पसंद कायम
मिनरल वॉटर, पानी के पॉउच, जार, ठंडे पानी की बोतल बाजार में उपलब्ध रहने से कुंभार व्यवसायियों पर इसका कुछ मात्रा में परिणाम हुआ है. फ्रिज के दाम भी कम हुए है. लेकिन मटके का पानी पीने की पसंद नागरिकों की कायम है. बाजार में छोटे और बडे दोनों आकार के मटके बिक्री के लिए उपलब्ध है. छोटे आकार के मटके 120 से 150 रुपए है जबकि बडे राजन 400 से 600 रूपए तक बिक्री हो रहे है.

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