‘उन’ 43 की नौकरी खतरे में, जांच के दायरे में आये सभी
शिक्षक बैंक में पदभर्ती घोटाला, आर्थिक अपराध शाखा कर सकती है आरोपियों को गिरफ्तार

अमरावती /दि.16– स्थानीय जिला परिषद शिक्षक सहकारी बैंक में हुए पदभर्ती घोटाला को लेकर राजापेठ पुलिस ने विगत 13 दिसंबर की रात शिक्षक बैंक के अध्यक्ष गोकुलदास राउत व सभी संचालकों सहित पदभर्ती परीक्षा लेने वाले असोसिएशन के तत्कालीन अध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी के खिलाफ आपसी मिलीभगत करते हुए जालसाजी व धोखाधडी करने का अपराधिक मामला दर्ज किया था. ऐसे में उस पदभर्ती के दौरान बैंक में नौकरी पर लगे अधिकारियों व कर्मचारियों की नौकरी पर खतरे की तलवार लटकने लगी है. साथ ही वे पुलिस जांच के दायरे में आ गये है.
बता दें कि, अमरावती जिले की नामांकित सहकारी बैंक में नोकर भर्ती शिर्षकतले विगत 7 फरवरी को विज्ञापन जारी किया गया था और इस प्रक्रिया के जरिए 21 मई को आदेश जारी कर 43 आवेदकों को शिक्षक बैंक में विविध पदों पद नियुक्ति की ऑर्डर दी गई थी. जिन्हें नौकरी में शामिल भी कर लिया गया था. परंतु इस पदभर्ती में काफी बडे पैमाने पर आर्थिक घोटाला होने की शिकायत निकेश बोंडे नामक व्यक्ति द्वारा जिलाधीश कार्यालय व जिला उपनिबंधक कार्यालय के पास करने के साथ ही पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई और अदालत में भी गुहार लगाई गई. ऐसे में अदालत का अंतिम आदेश आने से पहले ही इस पदभर्ती घोटाला मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी. जिसके चलते अब उन 43 लोगों की नौकरी खतरे में कही जा रही है.
* पदभर्ती प्रक्रिया के दस्तावेज खंगाले जाएंगे.
शिक्षक बैंक पदभर्ती के सभी दस्तावेज इस समय यद्यपि आर्थिक अपराध शाखा के पास है. परंतु इन दस्तावेजों को देने में शिक्षक बैंक ने काफी टालमटोल की थी तथा कोर्ट में गुहार भी लगाई थी. परंतु अब बैंक के अध्यक्ष व संचालकों के खिलाफ जालसाजी व धोखाधडी का अपराधिक मामला दर्ज हो जाने के चलते आर्थिक अपराध शाखा नये सिरे से मामले की जांच करेगी.
* संचालकों के बयान होंगे दर्ज
इस मामले में शिक्षक बैंक के अध्यक्ष सहित सभी संचालकों के बयान दर्ज किये जाएंगे. साथ ही 7 फरवरी से 21 मई की कालावधि के दौरान कौन-कौन लोग संचालक के तौर पर कार्यरत थे. इस बात की अधिकृत जानकारी भी बैंक से मांगी जाएगी. जिसके बाद इस पदभर्ती में संचालकों की भूमिका को नये सिरे से जांचा जाएगा.
* हाईकोर्ट में 16 दिसंबर को होने वाली सुनवाई से पहले ही आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने 13 दिसंबर की दोपहर बुलाते हुए इस मामले में अपराध दर्ज किया. ऐसे में अब पुलिस ने सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार भी करना चाहिए.
– निकेश बोंडे,
फिर्यादी व याचिकाकर्ता.
* घटनास्थल हमारे थाना क्षेत्र के तहत आने के चलते हमने 13 दिसंबर की रात एफआईआर दर्ज किया और शनिवार को ही मामले की डायरी आर्थिक अपराध शाखा को वर्ग कर दी गई. ऐसे में अब आर्थिक अपराध शाखा द्वारा ही मामले में आगे की जांच की जाएगी.
– पुनित कुलट,
थानेदार, राजापेठ पुलिस स्टेशन.