अमरावती

कोविड के बाद बदल गया हर घर का किचन

स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन बनाने का प्रमाण बढा

अमरावती/प्रतिनिधि दि.१८ – कोविड संक्रमण के खतरे और लॉकडाउन काल के बाद अब लगभग सभी घर-परिवारों में इस बात की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि, घर के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य सुदृढ कैसा रहेगा, इस हेतु सभी घरों की महिलाओं ने अब अपने किचन में अंकुरित अनाज, हरी सब्जियों व सुप आदि का प्रयोग बढा दिया है और विगत सवा वर्ष से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
कोविड संक्रमण काल के बाद सभी लोगों ने अपनी जीवनशैली में बदलाव किया है और हलके व प्रोटीनयुक्त खाद्यपदार्थों के सेवन पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है. जिसकी ओर पहले अमूमन ध्यान नहीं दिया जाता था. हरी सब्जियों, सूप व फलों सहित शरीर को स्वस्थ रखने हेतु अन्य पौष्टिक आहार पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. जिसके तहत सुबह के नाश्ते में अंकुरित अनाज का प्रयोग किया जा रहा है. इसके साथ ही कोविड संक्रमण काल के दौरान विविध स्वादिष्ट और शरीर के लिए पोषक व प्रतिकार शक्ति बढानेवाले व्यंजन तैयार करना भी कई महिलाओं से सीखा है.

  • फास्ट फूड पर अघोषित बंदी

अमूमन युवा वर्ग द्वारा फास्ट फूड को विशेष रूप से पसंद किया जाता है. किंतु लॉकडाउन काल के दौरान सभी फास्ट फूड सेंटर पूरी तरह से बंद रहे, जो अब अनलॉक की प्रक्रिया के तहत खुल गये है. किंतु सभी लोगोें द्वारा फास्ट फूड पर एक तरह से अघोषित प्रतिबंध लगाकर रखा गया है और घरों में ही फास्ट फूड जैसे चटपटे व्यंजन बनाकर खाने का चलन बढ गया है. लोगबाग बाहर बने खाद्यपदार्थों का सेवन करना टाल रहे है, ताकि वह स्वास्थ्य के लिए अपायकारक न हो.

  • जंक फूड को भी रामराम

अधिकांश लोगोें ने डिब्बा बंद रहनेवाले तथा काफी समय से पैक किये जानेवाले खाद्यपदार्थों को भी कोविड काल में वर्ज्य कर दिया है. इसकी बजाय ताजे एवं प्रोटीनयुक्त आहार के सेवन पर जोर दिया जा रहा है. पेटदर्द की वजह बननेवाले जंक फूड के सेवन को टाला जा रहा है. साथ ही इन दिनों घर में ही अलग-अलग खाद्यपदार्थ, चटपटे व्यंजन बनाने पर जोर दिया जा रहा है.

स्वस्थ रहने एवं रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढाने हेतु नियमित व्यायाम किया जाना चाहिए. साथ ही तनावमुक्त रहते हुए छह से सात घंटे की नींद लेनी चाहिए. इसके अलावा अंकुरित अनाज, दूध व दुग्धजन्य पदार्थों, फल एवं हरी साग-सब्जियों का आहार में प्रयोग करना चाहिए, ताकि शरीर की रोगप्रतिकारक क्षमता बढे और सभी लोग स्वस्थ रह सके.
-रसिका राजनेकर
आहार विशेषज्ञ, रिम्स हॉस्पिटल, अमरावती.

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