अमरावतीमुख्य समाचार

अगले चार दिन नहीं आएंगे नल

पानी को लेकर फिर मचेगा हाहाकार

* बोरगांव धर्माले के पास फूटी पाईप लाईन
* मजीप्रा जुटा लीकेज को दुरुस्त करने में
अमरावती/दि.5 – गत रोज समिपस्त बोरगांव धर्माले में डिम्जलैंड परिसर से होकर गुजरने वाली महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की भूमिगत जलवाहिनी के अचानक क्षतिग्रस्त होकर फूट गई. जिसे दुरुस्त करने का काम जीवन प्राधिकरण द्बारा गत रोज ही शुरु किया गया. जिसके चलते आगामी 8 दिसंबर तक अमरावती व बडनेरा शहर में होने वाली जलापूर्ति बंद रहेगी. ऐसी जानकारी मजिप्रा द्बारा गत रोज जारी की गई. प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है.
मजीप्रा द्बारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक नेर पिंगलाई से तपोवन स्थित जलशुद्धिकरण केंद्र तक पानी पहुंचाने हेतु 1500 मिमी व्यास वाली भूमिगत गुरुत्ववाहिनी डाली गई है. जिसमें कल बोरगांव धर्माले के पास अचानक ही लीकेज हो गया और पाईप-लाईन फूट जाने की वजह से जलापूर्ति का काम प्रभावित हुआ. ऐसे में मजीप्रा ने तुरंत ही इस क्षतिग्रस्त पाईप-लाईन को सुधारने का काम शुरु किया. मजीप्रा द्बारा दावा किया गया है कि, अगले तीन दिनों के दौरान 24 घंटे काम करते हुए इस पाईप-लाईन को दुरुस्त कर लिया जाएगा. जिसके बाद 9 नवंबर से अमरावती व बडनेरा शहर की जलापूर्ति शुरु की जाएगी.
* बूंद-बूंद पानी को तरसेंगे शहरवासी
विशेष उल्लेखनीय है कि, जीवन प्राधिकरण द्बारा अमरावती व बडनेरा शहर में एक-एक दिन की आड लेकर जलापूर्ति की जाती है. ऐसे में अब कुछ इलाकों में आगामी 9 दिसंबर को जलापूर्ति वहीं शेष इलाकों में 10 दिसंबर को नलों से पानी जाएगा. यानि जिन इलाकों में 3 दिसंबर को जलापूर्ति हुई थी, उन इलाकों में 9 दिसंबर को दुबारा जलापूर्ति शुरु होगी. वहीं जिन इलाकों में 4 दिसंबर को जलापूर्ति होनी थी, किंतु पाईप-लाईन फूट जाने की वजह से जलापूर्ति नहीं हो पाई. उन इलाकों में अब सीधे 10 दिसंबर को जलापूर्ति होगी. यानि समसंख्या की तारीख पर जलापूर्ति होने वाले इन इलाकों में इससे पहले 2 दिसंबर को नल आये थे और अब सीधे 10 दिसंबर को नल आएंगे. जिसके चलते समसंख्या पर जलापूर्ति वाले इलाके पूरे एक सप्ताह तक बूंद-बूंद पानी के लिए तरस जाएंगे. वहीं विषम संख्या पर जलापूर्ति वाले इलाकों को भी करीब 5 दिनों तक पानी के इंतजाम हेतु इधर से उधर भटकना पडेगा.

* बोरगांव के खेत परिसर में बना तालाब
– लाखो गैलन पानी की हो रही बर्बादी
शनिवार की रात करीब 12 बजे के आसपास बोरगांव धर्माले परिसर से गुजरने वाली मजीप्रा की पाईप-लाईन के फूटते ही यहां पर लाखो गैलन पानी व्यर्थ बहने लगा और इस वजह से यहां के एक खेत में हर ओर पानी ही पानी होकर तालाबनुमा स्थिति बन गई. ऐसे में यहां से फूटते पानी के जबर्दस्त फवारे को देखने हेतु रविवार को यहां अच्छा खासा वहीं शनिवार की रात हुए इस लीकेज की जानकारी मिलते ही नेर पिंगलाई स्थित पाईप-लाईन के वॉल को बंद किया गया. हालांकि इसके बावजूद अगले 2 घंटे तक बोरगांव धर्माले के पास फूटी पाईन-लाईन से पानी की लीकेज होता रहा और पाईप लाइन को मौजूद लाखों गैलन पानी इस लीकेज से बाहर निकलकर व्यर्थ ही बहता रहा. पश्चात पाईप लाईन के पूरी तरह से खाली हो जाने पर मजीप्रा ने लाईप-लाईन को दुरुस्त करने का काम शुुर किया.

* 25 वर्ष पुरानी है पाईप-लाईन
– एक ही साल में 5 से 6 बार हो चुका है लीकेज
विशेष उल्लेखनीय है कि, मोर्शी के सिंभोरा डैम से अमरावती शहर तक जलापूर्ति करने वाले मुख्य पाईप-लाईन करीब 25 वर्ष पुरानी है, जो कई स्थानों पर काफी हद तक जर्जर हो गई है. इस कारण आए दिन इस पाईप-लाईन में कहीं ना कहीं लीकेज होता रहता है. जिसकी वजह से अगले 4-5 दिनों तक जलापूर्ति का काम ठप रहता है. जारी वर्ष के दौरान ही करीब 4 से 5 बार इस पाईप-लाईन मेें अलग-अलग स्थानों पर लीकेज हो चुके है. जिसकी वजह से ऐन गर्मी के मौसम में 2 से 3 बार शहर को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पडा. हर बार मजीप्रा द्बारा पाईप-लाईन को पूरी तरह से चुस्त दुरुस्त कर लिए जाने का दावा किया जाता है और भविष्य में दुबारा ऐसा नहीं होने की बात कहीं जाती है. लेकिन कुछ ही समय बाद पाईप-लाईन क्षतिग्रस्त होकर जलापूर्ति ठप होने की पुनरावृत्ति होती है. इस संदर्भ में जानकारी व प्रतिक्रिया हेतु संपर्क किये जाने पर मजीप्रा के उपकार्यकारी अभियंता अजय लोखंडे ने बताया कि, जर्जर हो चुकी 25 वर्ष पुरानी पाईप-लाईन को पूरी तरह से बदलने और लीकेज की समस्या का स्थायी समाधान करने हेतु सरकार को अमृत योजना के अंतर्गत प्रस्थाव भेजा गया है, जो सरकार के समक्ष ही विचाराधीन है.

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