काटकुंभ की सरपंच ने की महामहिम से मेलघाट की समस्याओं की शिकायत
बिजली, सडक, पानी जैसी मूलभूत सुविधा नहीं

* सैकडों आदिवासी महिलाएं भी थी साथ
अमरावती/ दि. 5-आजादी के 7 दशक से अधिक समय के बाद भी आदिवासी बहुल मेलघाट के दर्जनों गावों में बिजली, शुध्द पानी नहीं पहुंच पाया है. इसकी शिकायत ग्राम पंचायत काटकुंभ की सरपंच ललिता बेठेकर ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से दिल्ली में गत दिनों की. राष्ट्रपति से इसे गंभीरता से सुनते हुए राहत दिलाने का भरोसा दिलाया. बेठेकर ने सैकडों आदिवासी महिलाओं के साथ पहुंचकर उनसे मुलाकात की और मेलघाट के दुर्गम गांवों की विभिन्न समस्याओं का कच्चा चिट्ठा राष्ट्रपति के समक्ष रखा.
ग्राम पंचायत काटकुंभ, चिखलदरा की सरपंच ललिता बेठेकर ने राष्ट्रपति द्रौपरी मुर्मू के समक्ष मेलघाट में बिजली, सडक और मनरेगा से जुडे मुद्दे उठाए और इस क्षेत्र के विकास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. आदिवासी बहुल क्षेत्र कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. कई कठिनाइयां है, विशेषकर तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बिजली, सडक और मनरेगा की समस्याओं के कारण आदिवासी त्रस्त है.
उन्होंने क्षेत्र की बिजली आपूर्ति, पेयजल समस्या उठाते हुए उनसे राहत दिलाने की गुहार लगाई. कृषि के लिए बिजली की आपूर्ति अपर्याप्त है और किसानों की सिंचाई में बडी कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है. कई गांवों में अभी भी पक्की सडकें नहीं है, जिससे परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समस्याएं पैदा होती हैं. मानसून के दौरान कच्ची सडकों की हालत बेहद खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों के लिए शहरों तक यात्रा करना मुश्किल हो जाता है. मनरेगा अंतर्गत उपलब्ध रोजगार के अवसर सीमित हैं. मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रही है, जिसके कारण कई परिवार आर्थिक संकट में हैं. इससे तेजी से पलायन कर रहे हैं.
* वीडियो तेजी से वायलर हो रहा
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के साथ सरपंच ललिता बेठेकर की बातचीत और मेलघाट की समस्याओं को मुखरता से रखने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.