महिलाओं ने खुद को बताया बच्चू की लाडली बहना
हार के बाद भी बच्चू ही बने हुए है ‘सिकंदर’
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* पूर्णामाय पर लगा सैकड़ो महिलाओं का जमघट
चांदूरबाजार/दि.13 – विधानसभा चुनाव में अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र के दिग्गज नेता एवं चार बार के विधायक बच्चू कडू को यद्यपि हार का सामना करना पडा और भाजपा के नये नवेले प्रत्याशी प्रवीण तायडे ने जीत दर्ज कर नया इतिहास लिख डाला, जिससे बच्चू कडू के समर्थकों में निराशा देखी गई, लेकिन बच्चू कडू ने चुनाव हार जाने के बाद भी अपने सामाजिक कार्य निरंतर जारी रखे हैं, जिसके तहत चांदूर बाजार में प्रहार जनशक्ति द्वारा रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया. ऐसे में बच्चू कडू के इस जज्बे को देखते हुए अब उनके कार्यकर्ताओं में भी नया जोश पैदा हुआ है और उनके समर्थक भी अब बच्चू कडू के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे है. ऐसे में ही अब प्रहारी महिलाओं ने भी बच्चू कडू के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का बीडा उठाया है.
बता दें कि, पूर्व विधायक बच्चू कडू के कुरलपूर्णा गांव स्थित निवासस्थान ‘पूर्णामाय’ पर आज सैकड़ों महिलाओं ने बैठक लेकर हमेशा की तरह बच्चू कडु के साथ कदम से कदम मिला कर चलने का संकल्प व्यक्त किया. साथ ही राज्य की महायुति सरकार द्वारा चलाई जाने वाली लाडली बहन योजना पर तंज कसते हुए सभी महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि, वे केवल बच्चू भाऊ की ही लाडली बहने है. इसके अलावा इन महिलाओं का यह भी कहना रहा कि, चुनाव हार जाने के बावजूद भी बच्चू कडू ही सिकंदर है. क्योंकि प्रतिस्पर्धी प्रत्याशी की जीत से ज्यादा बच्चू कडू की हार की चर्चाएं शुरू है. इस समय महिलाओं का यह भी कहना रहा कि, बच्चू कडू के सामाजिक कार्य उन्हें प्रेरणा देते है. ऐसे में वे अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्येक गांव और हर एक घर तक जाकर बच्चू कडू की स्थिति को एक बार फिर मजबूत करेंगी.
इस समय स्टेला मैडम, प्रीति गाडगे, किरण ठाकरे, मंगला चव्हाण, विदया बुरघाटे, छाया वाकोडे, अनिता शिंगाडे, हर्षा फाटकार, नीता राउत, मंजुला बोडके, शहनाज बानो सहित अचलपुर मतदार संघ के विविध क्षेत्रों के साथ साथ जिले के अन्य इलाकों से महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थी.
बच्चू कडु किसानों, दिव्यांगो और गोर गरीबों की बुलंद आवाज है. हार के बाद भी यह आवाज हमेशा बुलंद रहेगी. क्योंकि सामाजिक कार्यों के लिए सियासी पावर होना जरूरी नहीं. बच्चू कडू के पास आज भी उतने की सवाली हर रोज अपनी समस्या लेकर पहुंच रहे है जैसे कभी उनके आमदार रहते पहुंचा करते थे, यही बच्चू भाऊ के कामों की पावती है.
– स्टेला मैडम
बच्चू कडू के दमदार नेतृत्व को देख कर विगत 20 वर्षो मे जहां क्षेत्र सहित समूचे राज्य में प्रहारियों का जनसैलाब फैला वही उनके कार्य से प्रेरणा लेकर कई महिलाओ ने भी राजनीतिक गलियारों में अपने कदम जमाए. दूसरो के लिए लडना, सर्वसामान्य के की समस्याओं के निराकरण के लिए लडना यह सब सिख हमें बच्चू भाऊ से मिली है.
– किरण ठाकरे