कई बसस्थानकों पर नहीं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था
पेयजल वाले स्थानों पर गंदगी का भी आलम
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* यात्रियों को बोतलबंद पानी खरीदकर पीना पड रहा
अमरावती /दि. 27– कुछ समय पहले तक यात्रियों द्वारा एसटी महामंडल से दूरी बनाई जा रही थी, जिन्हें दुबारा अपने साथ जोडने के लिए एसटी महामंडल ने कई तरह की योजनाएं शुरु की. जिसके तहत कुछ यात्रियों को सहुलियत की दरों पर और कुछ यात्रियों को निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जा रही है. परंतु वहीं दूसरी ओर एसटी महामंडल द्वारा अपने बसस्थानकों पर यात्रियों हेतु पीने के लिए साफसुथरे पानी की व्यवस्था तक नहीं की जा रही है. जिसके चलते सहुलियत की दरों पर अथवा मुफ्त में एसटी बसों की यात्रा करनेवाले यात्रियों को अपने पैसों से बोतलबंद पानी खरीदकर पीना पड रहा है.
बता दें कि, राज्य परिवहन महामंडल द्वारा विविध घटकों के यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करने हेतु महिलाओं एवं 65 वर्ष से अधिक आयुवाले बुजुर्गो को यात्रा शुल्क में 50 फीसद की छूट दी जाती है. साथ ही 75 वर्ष से अधिक आयुवाले बुजुर्गो हेतु एसटी बसों में यात्रा निशुल्क कर दी गई है. जिसके चलते विगत कुछ वर्षों से एसटी बसों में यात्रियों की संख्या बढने लगी है और इन यात्रियों में महिलाओं व बुजुर्ग यात्रियों की संख्या ही अधिक है. परंतु अपने इन यात्रियों की समस्याओं व दिक्कतो की ओर एसटी महामंडल द्वारा ध्यान ही नहीं दिया जा रहा. यही वजह है कि, रापनि के बसस्थानकों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था का सर्वथा अभाव होता है. साथ ही साथ जिन स्थानों पर पीने के पानी हेतु नल लगे होते है, उसके आसपास काफी हद तक गंदगी भी होती है, ऐसी शिकायत कई यात्रियों द्वारा अक्सर ही की जाती है.
* यात्रियों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराना एसटी निगम की जवाबदारी
बसस्थानकों पर रोजाना ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर किसी काम निमित्त जाने हेतु यात्री पहुंचते है. इन सभी यात्रियों को बसस्थानकों पर पीने हेतु शुद्ध पानी की सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एसटी महामंडल की होती है.
* पेयजल वाले स्थान पर पांव फिसलकर गिरने का खतरा
अमरावती व राजापेठ बसस्थानकों पर यात्रियों हेतु पीने के पानी की सुविधा एसटी महामंडल द्वारा की गई है. परंतु कई यात्रियों द्वारा पीने हेतु लिए गए पानी में से आधे से ज्यादा पानी नीचे जमीन पर फेंक दिया जाता है. साथ ही कई बार नल शुरु रहने के चलते उस जगह के आसपास पानी जमा हो जाता है. ऐसे में पानी हेतु जानेवाले अन्य यात्रियों के पांव फिसलकर गिरने का खतरा रहता है.
* टिकट से ज्यादा पानी के खर्च का टेंशन
एसटी बसों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए पूरे राज्य में कहीं पर भी यात्रा निशुल्क कर दी गई है. वहीं अन्य लोगों को ग्रामीण क्षेत्र से बेहद कम दूरी पर रहनेवाले शहरों में आने हेतु काफी कम पैसा खर्च होता है. जिसकी तुलना में एसटी बसस्थानक पर आने के बाद पीने हेतु बोतलबंद पानी खरीदने में ज्यादा पैसा खर्च करना पडता है.
* बसस्थानकों पर पानी की टाकी की अवस्था क्या है?
ग्रामीण क्षेत्र के कई गांवों में बसस्थानकों की छत पर पानी की टाकी बनी हुई है, जो काफी पुरानी हो चुकी है. इसमें से कई स्थानों पर पानी की टंकियों में नियमित रुप से पानी नहीं भरा जाता. साथ ही कई स्थानों पर पानी की टंकियों की नियमित तौर पर साफसफाई भी नहीं की जाती.
* नल की टोटियां भी टूटी हुई
स्थानीय राजापेठ बसस्थानक पर यात्रियों हेतु पीने के पानी की व्यवस्था की गई है. लेकिन कई नलों की टोटियां टूटी हुई है. जिनमें लकडी के टुकडे फंसाकर रखे गए है.
* यात्रियों को हर तरह की सेवाएं व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है. साथ ही यात्रियों को पीने हेतु शुद्ध पानी मिले इसके लिए बसस्थानकों में पाणपोई व वॉटर फिल्टर की व्यवस्था भी की गई है.
– नीलेश बेलसरे
विभाग नियंत्रक, रापनि, अमरावती.