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मुस्लिम व दलित इलाकों में जमकर हुआ मतदान, संभ्रांत क्षेत्रों में थी सुस्ती

अमरावती विधानसभा क्षेत्र के बुथनिहाय मतदान के आंकडे आए सामने

* सिंधी समाज भी था उत्साही, ‘कमल’ का गडबडा सकता है गणित
* 257 मतदान केंद्रो पर औसत 50 से 60 फीसद वोटिंग
* महज 16 केंद्रो पर 70 से 80 फीसद वोट पडे
* 41 केंद्रो पर 50 फीसद से भी कम मतदान
अमरावती /दि. 29- विगत 26 अप्रैल को अमरावती संसदीय क्षेत्र में हुए मतदान के बाद अब विधानसभा क्षेत्रनिहाय और बुथनिहाय मतदान के आंकडे जिला प्रशासन द्वारा जारी कर दिए गए. जिसके मुताबिक जिसे देखते हुए पता चलता है कि, संसदीय क्षेत्र का मुख्यालय रहनेवाले अमरावती विधानसभा क्षेत्र के दलित एवं मुस्लिम बहुल इलाको में तो जमकर वोटिंग हुई है और ऐसे इलाको में हुए मतदान का प्रतिशत 65 से 75 फीसद के आसपास रहा. वहीं संभ्रांत कहलानेवाले तथा तमाम मुलभूत सेवा व सुविधाओं का जमकर उपभोग करनेवाले शहर के ‘पॉश’ इलाको के लोगों द्वारा मतदान को लेकर जबरदस्त उदासिनता दिखाई गई. जिसके चलते ऐसे इलाको में महज 40 से 50 फीसद तक ही मतदान हुआ. वहीं उच्च मध्यम वर्गीयों व मध्यम वर्गीयोंवाले क्षेत्रो में औसत मतदान का प्रतिशत 50 से 55 फीसद के आसपास रहा. जिसकी वजह से अमरावती विधानसभा क्षेत्र में महज 57.52 फीसद मतदान हुआ और संसदीय क्षेत्र के छह विधानसभा क्षेत्रों में अमरावती विधानसभा क्षेत्र मतदान के मामले में पांचवे स्थान पर दिखाई दिया.
उल्लेखनीय है कि, इस बार दलित एवं मुस्लिम बहुल इलाको में शुरु से ही भाजपा विरोधी लहर देखी जा रही थी और मतदानवाले दिन अमरावती विधानसभा क्षेत्र के दलित एवं मुस्लिम इलाको में स्थित मतदान केंद्रो पर मतदान करने के लिए मतदाताओं की भारी भरकम भीड और लंबी-लंबी कतारे दिखाई दी थी. जिसे देखकर सहज अनुमान लगाया जा सकता था कि, इन तमाम मतदाताओं द्वारा भाजपा के खिलाफ जमकर गठ्ठा वोटिंग की जा रही है. मुस्लिम बहुल इलाको के कई मतदान केंद्रो पर तो सर्वाधिक 70 से 75 फीसद वोट पडे. साथ ही साथ दलित एवं अपेक्षाकृत पिछडे इलाको में भी 60 से 70 प्रतिशत के बीच ही वोटिंग हुई है. वहीं दूसरी ओर शहर के अन्य इलाको में वोटिंग का औसत प्रतिशत बमुश्किल 50 फीसद के आसपास ही था. जिसकी वजह से मतदान का समय समाप्त होने के बाद अमरावती विधानसभा क्षेत्र में महज 57.52 फीसद मतदान होने की जानकारी सामने आई.
यद्यपि अमरावती शहर में रहनेवाले सिंधी समाज बहुल इलाको में भी मतदान को लेकर अच्छा-खासा उत्साह दिखाई दिया. जहां पर ‘कमल’ के जमकर चलने की चर्चा है. लेकिन जिस रफ्तार से शहर के मुस्लिम एवं दलित बहुल इलाको में वोटिंग हुई है और उसकी तुलना में शहर के अन्य इलाकों, विशेषकर संभ्रांत इलाको में मतदान को लेकर सुस्ती व अनास्था देखी गई. उसे देखते हुए स्पष्ट हो गया है कि, अमरावती शहर में ‘कमल’ के लिए गणित गडबडा सकता है.
जिला निर्वाचन विभाग द्वारा अमरावती विधानसभा क्षेत्र में हुए बुथनिहाय मतदान को लेकर जारी आंकडों को देखने पर साफ पता चलता है कि, शहर के 16 मतदान केंद्र ऐसे थे, जहां पर 70 से 80 फीसद के बीच मतदान हुआ है. उसमें से अधिकांश मतदान केंद्र शहर के मुस्लिम बहुल इलाको में स्थित है. यहां पर शाम 6 बजे के बाद भी मतदान प्रक्रिया जारी थी और कई मतदान केंद्रो पर देर रात करीब 8 से 9 बजे तक वोट डालने का काम चलता रहा. वहीं अमरावती विधानसभा क्षेत्र में 117 मतदान केंद्र ऐसे रहे जहां पर 60 से 70 फीसद वोट पडे है. इनमें से अधिकांश मतदान केंद्र दलित एवं मुस्लिम बहुल इलाको में स्थित है. इसके अलावा शहर के अन्य इलाको में स्थित 140 मतदान केंद्रो पर 50 से 60 फीसद तथा 41 मतदान केंद्रो पर 40 से 50 फीसद वोट ही पडे. सबसे कम मतदान वाले मतदान केंद्र शहर के खापर्डे बगीचा, मांगीलाल प्लॉट, कैम्प, रुक्मिणीनगर, राजापेठ, शारदानगर, पन्नालालनगर, गणेश कालोनी, शंकरनगर, गणेडीवाल लेआऊट, परांजपे कालोनी, आयटीआय कालोनी सहित शहर के कई संभ्रांत इलाको में स्थित थे. ऐसे में कहा जा सकता है कि, जिन इलाको में कम पढे-लिखे लोग रहते है और जहां पर तुलनात्मक रुप से मुलभूत सुविधाओं का अभाव है, उन इलाको के मतदाता अपने मताधिकार और राष्ट्रीय कर्तव्य के प्रति कहीं अधिक जागरुक दिखाई दिए. वहीं दूसरी ओर तमाम सरकारी सेवाओं और सुविधाओं का लाभ लेने के साथ ही सभी तरह के संसाधनो पर अपना हक जतानेवाले सुविधा एवं सत्ताभोगी क्षेत्र के संभ्रांत एवं सफेदपोश लोगों द्वारा मतदान जैसे राष्ट्रीय कर्तव्य की ओर अनास्था दिखाने के साथ ही अनदेखी की गई. ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि, मतदान में रहनेवाले इस असंतुलन का परिणाम क्या निकलता है.

* इन इलाको मेंं हुआ 60 फीसद अधिक मतदान
नवसारी, रहाटगांव, लालखडी, पैराडाईज कालोनी, महेंद्र कालोनी, रमाई आंबेडकरनगर, कृष्णानगर, विलासनगर, जमील कालोनी, मुजफ्फरपुरा, पठाण चौक, चांदणी चौक, हाथीपुरा, इदगाह रोड, नागपुरी गेट परिसर, वलगांव रोड, गवलीपुरा, छत्रसाल गंज, छत्रसालनगर, जोग चौक, ओल्ड सराफा (बर्तनबाजार), भाजीबाजार, नीलकंठ चौक.

* इन इलाको में हुआ 50 फीसद से कम मतदान
कठोरा नाका, शेगांव नाका, हर्षराज कालोनी, राठीनगर, गाडगेनगर, कृष्णानगर, शिवाजीनगर, भिवापुरकर लेन, गर्ल्स हाईस्कूल चौक परिसर, चिलमछावणी, एसआरपीएफ कैम्प, कैम्प परिसर, खापर्डे बगीचा, रुक्मिणीनगर, भातकुली तहसील कार्यालय परिसर, अंध विद्यालय परिसर, राजापेठ.

* अमरावती में मतदान का औसत रहा 57.52 फीसद
जहां एक ओर अमरावती शहर के कई इलाको में 60 फीसद से अधिक मतदान हुआ. जिसमें से कुछ इलाको में मतदान का प्रतिशत 70 से 75 फीसद के आसपास ही रहा. वहीं दूसरी ओर कई इलाके ऐसे भी रहे, जहां मतदान का प्रतिशत 50 फीसद से कम रहा और इसमें कई इलाके ऐसे रहे जहां पर मतदान का प्रतिशत 35 से 40 फीसद के सबसे कम स्तर पर था. इसके अलावा शेष इलाको में मतदान का प्रतिशत 50 से 60 फीसद रहा. जिसमें सर्वाधिक प्रमाण 50 से 55 फीसदवाले मतदान केंद्रो का था. जिनकी तुलना में 55 से 60 प्रतिशतवाले मतदान केंद्रो की संख्या कम कही जा सकती है. जिसके चलते अमरावती विधानसभा क्षेत्र में औसत 57.52 फीसद ही वोट पडे. जबकि अमरावती संसदीय क्षेत्र में 63.67 मतदान हुआ है और मतदान के लिहाज से संसदीय क्षेत्र में शामिल 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रो में जिला मुख्यालय रहनेवाला अमरावती विधानसभा क्षेत्र पांचवे यानि आखरी से दूसरे स्थान पर रहा.

* अमरावती ही था मुख्य चुनावी अखाडा
विशेष उल्लेखनीय है कि, जिले की निर्वतमान सांसद और इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहनेवाली नवनीत राणा का निवासस्थान अमरावती शहर में ही स्थित है. वहीं उन्हें संसदीय चुनाव में चुनौति देनेवाले प्रहार पार्टी के प्रत्याशी दिनेश बूब ही अमरावती शहर के ही रहनेवाले है. साथ ही साथ कांग्रेस पार्टी के तमाम बडे पदाधिकारी व नेताओं के निवासस्थान भी अमरावती में है. ऐसे में अमरावती शहर और विधानसभा क्षेत्र ही इस बार के लोकसभा चुनाव में सबसे प्रमुख चुनावी अखाडा बना हुआ था. यहां पर होनेवाली वोटिंग की ओर सभी का ध्यान लगा हुआ था. लेकिन वोटिंग के मामले में अमरावती विधानसभा क्षेत्र में एक तरह निराश व नाउम्मीद करने का काम किया है. क्योंकि अमरावती में महज 57.52 फीसद ही मतदान हुआ और करीब 42.48 फीसद मतदाताओं ने मतदान को अपनी पीठ दिखा दी. इसमें भी मुस्लिम एवं दलित बहुल इलाको में जहां जमकर वोट पडे है, वहीं दूसरी ओर अन्य इलाको में मतदान का औसत काफी कम रहा. जिसकी वजह से चुनावी नतीजो का समिकरण काफी उलटफेर वाला हो सकता है.

* कितने मतदान केंद्रो पर कितने फीसद मतदाता
मतदान केंद्र मतदान का प्रतिशत
41 40 से 50
140 50 से 60
117 60 से 70
116 70 से 80

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