
* नालों के गाल का प्रभावी नियोजन पर मंथन
अमरावती/दि.13- हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बरसात से पहले नालें साफ करने में मनपा नाकाम ही साबित हुई है. जिससे नालों की सफाई पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जाएगा. इसके लिए आगामी 3 दिनों की छूट्टी कालावधि में सभी नालों का प्रत्यक्ष निरिक्षण कर जल्द से जल्द नाला सफाई पूर्ण करने की कार्रवाई की जाएंगी. नालों का गाल नाले में ही ना रहे, इसके लिए भी प्रभावी नियोजन किया जा रहा है. नाले से निकलने वाले गाल को नाले से बाहर निकालना संभव नहीं है. इसमें अधिक खर्च आएंगा, इसलिए उस गाल का उचित प्रबंधन करने पर जोर दिया जा रहा है. बरसात में नाले में जहां-जहां पर पानी जमा होता है, ऐसे स्थानों को निश्चित कर पानी जमा नहीं होने देने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. यह दावा भी आयुक्त डॉ. आष्टीकर ने किया.
अमरावती शहर में बहने वाले नालों की सफाई बरसात से पहले होना अनिवार्य है. अन्यथा बारिश का पानी उफान मारकर नालों का पानी लोगों के घरों में घुसने का डर रहता है. शहर में बरसात में ऐसे कई हादसें हो चुके है. इसलिए बरसात से पहले नाला सफाई पूर्ण करने की मांग की जाती है. शहर के नालों में जो बडी मात्रा में गाल है, उसे सफाई के नाम पर केवल नालों के किनारे लगाया जाता है. लेकिन पहली ही बारिश में यह गाल फिर से नालों में समाकर नाले जाम हो जाते है. यह गाल नाले से बाहर निकालने की कार्रवाई मनपा के लिए संभव नहीं रहने की बात प्रशासन द्बारा बतायी जाती है. बडी मात्रा में गाल नालों में है. एक-एक नाले से सैकडों ट्रक गाल बाहर निकालकर उसे कहीं अन्य पहुंचाने में लगने वाले खर्च का निर्वहन करने की क्षमता मनपा की नहीं है. जिससे केवल नालों में मशीने उतारकर नालों का गाल किनारे लगाने की प्रक्रिया नाला सफाई के नाम पर की जाती है. इस वर्ष तो 50 प्रतिशत भी सफाई नहीं होने से आगामी 1 महीने के भीतर शत-प्रतिशत नाला सफाई कैसे होगी, यह सवाल सभी पूछ रहे है.