अमरावतीमहाराष्ट्र

राजस्थानी महिला मंडल का पारंपिारक गणगौर उत्सव

माहेश्वरी भवन में आयोजन

* विधि- विधान के साथ की गई पूजा-अर्चना
दर्यापुर/दि.2– स्थानीय राजस्थानी महिला मंडल की ओर से माहेश्वरी भवन में पारंपरिक गणगौर उत्सव का आयोजन किया गया. जिसमें शहर की नवविवाहित और अविवाहित युवतियों ने श्रध्दा और भक्ति के साथ गणगौर की पूजा अचना की. विदित है कि होली के दूसरे दिन से 16 दिन तक युवतियां दिन में दो बार सुबह और शाम को गणगौर का पूजन करती है और घर- घर से बिंदोरा निकालकर गणगौर के गीत गाती है. बिंदोरे के दौरान विवाहित युवतियां और अविवाहित युवतियों को फराल करवाया जाता है.
राजस्थानी समाज में इस पर्व को श्रध्दा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. गणगौर में ईसर को शिव का रूप और गौरा को पार्वती का रूप माना जाता है. इस तरह से ईसर गौरा का पूजन किया जाता है. विवाहित युवतियां अपने पति की दीर्घायु के लिए और अविवाहित युवतियां अच्छा पति मिले. इसके लिए कामना करती है. स्थानीय राजस्थानी महिला मंडल की ओर से होली के दूसरे दिन से 16 दिन तक गणगौर का पूजन किया गया.
पूजा के दौरान बगीचे से दुर्वा लाना, गणगौर को पानी पिलाना घर- घर बिंदोरे ले जाना, पारंपरिक गणगौर के गीत गाना आदि 16 दिन तक महिलाएं और युवतियां श्रध्दा भक्ति के साथ यह कार्य करती है. 16 दिन तक महिलाएं व कुवारी युवतियां पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा परिधान कर गणगौर का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाती है. स्थानीय माहेश्वरी भवन राजस्थानी महिला मंडल अध्यक्षा डॉ. अश्विनी भट्टड, सचिव विद्या पनपालियां, कोषाध्यक्ष रूपाली मूंधडा, सह सचिव खुशबू द्बारा यह आयोजन किया गया था. इस समय अग्रवाल सखी मंच अध्यक्षा पूजा केडिया, मयूरी अग्रवाल, पूनम शर्मा, रानी तिवारी, रेखा शर्मा, सीमा शर्मा, पूनम झंवर, संगीता राठी, सपना लढ्ढा, समता भैया, कांता पनपालिया, पायल झंवर, श्वेता झंवर, राधिका सोनी उपस्थित थी.

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