
दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों के रिक्त पद पर स्थानीयों की नियुक्ति का मामला
अमरावती/दि.18 – आदिवासी बहुल धारणी व चिखलदरा के दुर्गम व अतिदुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर मैदानी इलाके से शिक्षकों का तबादला करने की बजाय पेसा कानून के अंतर्गत आने वाले इन शिक्षक पदों पर स्थानीय युवाओं की नियुक्ति किए जाने की मांग को लेकर आदिवासी समन्वय कृषि समिति द्बारा स्थानीय जिलाधीश कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन करना शुरु किया गया था. जिसकी जानकारी मिलते ही मेलघाट क्षेत्र के विधायक राजकुमार पटेल ने तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को गत रोज ही इस बारे में पत्र लिखा. जिस पर सीएम शिंदे ने सकारात्मक भूमिका अपनाने का आश्वासन दिया. जिसके चलते विधायक राजकुमार पटेल के निवेदन पर आदिवासी कृति समिति के अनशनकारियों ने अपना आंदोलन पीछे लेते हुए अपना अनशन खत्म करने की घोषणा की.
जिसके उपरान्त विधायक राजकुमार पटेल, पूर्व विधायक प्रभूदास भिलावेकर तथा सामाजिक कार्यकर्ता बबलू जवंजाल, प्रवीण पाटिल, प्रवीण तेलगोटे व निखिल गाले ने अनशनकारियों को नीबू शरबत पीलाते हुए उनका अनशन खत्म कराया. इस समय विधायक राजकुमार पटेल ने सभी अनशनकारियों को आश्वस्त किया कि, मेलघाट के पहाडी इलाकों में समतल इलाकों से स्थलांतरीत शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने दी जाएगी. बल्कि मेलघाट क्षेत्र में रिक्त होने वाले शिक्षकों के 306 पदों पर पेसा कानून के तहत स्थानीय पात्र अभ्यार्थियों को ही नियुक्त किया जाएगा.