अमरावतीमहाराष्ट्र

उर्दू स्कूलों को सेमी-अंगे्रजी माध्यम में परिवर्तित किया जाये

महाराष्ट्र अल्पसंख्यांक आयोग की सरकार से मांग

नागपुर /दि.6- महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यांक आयोग राज्य सरकार को राज्य के सभी उर्दू माध्यम स्कूलों को सेमी-अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तन करने का प्रस्ताव प्रस्तुत करेगा. आयोग सरकार से उर्दू स्कूलों में मराठी को अनिवार्य विषय बनाने की भी मांग करेगा.
राज्य अल्पसंख्यांक आयोग के अध्यक्ष प्यारे जिया खान ने अल्पसंख्यांक समुदाय के बुद्धिजीवियों, शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत प्रतिनिधियों और उर्दू स्कूलों के चयनीत शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ ‘उर्दू स्कूलों का भविष्य और चुनौतियां’ इस विषय चर्चा के लिए बैठक की. इस बैठक में उर्दू स्कूलों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई. कई विद्वानों ने उर्दू माध्यम की स्कूलों में शिक्षण के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त की. कई उर्दू स्कूलों में छात्र अपना नाम भी ठीक से नहीं लिख पाते. विशेषज्ञों ने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि, उर्दू माध्यम के स्कूलों के महाराष्ट्र में सरकारी नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मराठी अनिवार्य है. हालांकि उर्दू स्कूलों में पढने वाले बच्चों को मराठी का ज्ञान नहीं है. बैठक में इस बात पर खेद व्यक्त किया गया कि, इसके कारण कई मुस्लिम छात्र है. प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल नहीं हो पाते है. इसलिए आयोग सरकार को यह प्रस्ताव भी देगा कि, सभी उर्दू स्कूलों में मराठी को अनिवार्य विषय के रुप में पढाया जाना चाहिए.

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