अमरावतीमहाराष्ट्र

संशोधन परिषद का उपयोग ज्ञान बढाने के लिए करें

कुलगुरु डॉ. बारहाते ने किया आह्वान

* विनायक विज्ञान महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय परिषद
अमरावती/दि.2-विनायक विज्ञान महाविद्यालय नांदगाव खंडेश्वर, राजश्री शाहू महाविद्यालय चांदूर रेल्वे व आयक्यूएसी, संत गाडगेबाबा अमरावती विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में 27 मार्च को इनोव्हेटिव्ह मल्टी डिसिप्लिनरी पर्स्पेक्टिव्ह ट्रान्सफॉर्मेशन इन सायन्स अँड टेक्नॉलॉजी (इम्पॅक्ट-2025) इस अंतरराष्ट्रीय परिषद का आयोजन किया गया था. परिषद का उद्घाटन संत गाडगेबाबा अमरावती विद्यापीठ के कुलगुरू डॉ. मिलिंद बारहाते के हाथों हुआ. उद्घाटन अवसर पर कुलगुरू ने संशोधकों ने नए नए खोज कर राष्ट्रहित का जतन करने व संशोधन परिषद का उपयोग अपना ज्ञान बढाने के लिए करने का आह्वान किया.
इस अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर तंत्रज्ञान विद्यापीठ नागपुर के पूर्व कुलगुरू डॉ. राजू मानकर, अतुल विद्या मंदिर के कोषाध्यक्ष परिक्षीत जगताप, प्रविण खोडके मेमोरियल ट्रस्ट अमरावती के सचिव यश संजय खोडके, डॉ. नितिन डोंगरवार, डॉ. संदीप वाघोले-संचालक आयक्यूएसी संत गाडगेबाबा अमरावती विद्यापीठ, प्राचार्य डॉ. पराग वडनेरकर, राजश्री शाहू महाविद्यालय चांदूर रेल्वे तथा डॉ. अलका भिसे, प्राचार्य विनायक विज्ञान महाविद्यालय,नांदगाव खंडेश्वर आदि मान्यवर उपस्थित थे. प्रस्तावना प्राचार्य डॉ. पराग वडनेरकर ने रखी. इस अवसर पर यश खोडके ने अंतरराष्ट्रीय परिषद के लिए शुभकामनाएं दी.
इस समय विनायक विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.अलका भिसे ने संशोधन की जरूरत व महत्व स्पष्ट किया. परिषद के लिए अतुल विद्या मंदिर की उत्तरा जगताप तथा वीरेंद्र जगताप ने शुभकामनाएं दी. परिषद में डॉ. राजीव मानकर, डॉ. संदीप सोमवंशी, डॉ. नितिन इंगोले, डॉ. नितिन डोंगरवार, डॉ. आशीष गडेकर, मिस अन्वया वडनेरकर आदि संशोधकों ने छात्रों काव मार्गदर्शन किया कर नए-नए क्षेत्र में संशोधन करने का आह्वान किया. इस अंतरराष्ट्रीय परिषद में डॉ. आशीष महल्ले, डॉ. गोपाल ढोकणे, डॉ. दिलीप हांडे, डॉ. स्वप्नील अडसड, डॉ. सुरेंद्र माणिक, डॉ. प्रशांत गावंडे, डॉ. प्रशांत मंडलिक, डॉ. नंदकिशोर गव्हाले, डॉ.सोनल चांडक, डॉ. सावन देशमुख, डॉ. अजय गडेछा ने विविध सत्र के चेअरपर्सन के रूप में काम देखा. म्हणून काम पार पाडले. परिषद के लिए देशभर से 700 से अधिक प्राध्यापकों ने पंजीयन किया था.

विधायक सुलभा खोडके ने माना आभार
आगामी 20 वर्षों में वैज्ञानिक और शैक्षणिक दृष्टिकोन से नवोपक्रम को बढावा देने के लिए इस प्रकार के आयोजन की बेहद जरूरत है. इस एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय परिषद में चर्चा में सहभागी होने वाले तथा विचारों का आदान-प्रदान करने वाले सभी प्रतिनिधियों का विधायक सुलभा खोडके ने आभार व्यक्त किया. इस संवाद से संयुक्त संशोधन प्रकल्पों के खोज के लिए नए मार्ग खुल गए है. दोनों महाविद्यालय के इस उपक्रम की प्रशंसा करते हुए विधायक सुलभा खोडके ने भविष्य की शुभकामनाएं दी.

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