अमरावती में शीघ्र पशु चिकित्सा महाविद्यालय
गौरक्षण में विधायक खोडके की गुडतुला

* संस्था हेतु सदैव तत्पर रहने का आश्वासन
अमरावती/ दि. 1- अमरावती जिले में लाखों की संख्या में पशुधन को देखते हुए यहां पशु चिकित्सा महाविद्यालय की नितांत आवश्यकता अनुभव की जा रही है. पशुओं की बेहतर देखभाल के लिए महाविद्यालय उपयोगी रहेगा. अत: अतिशीघ्र जिले में पशु चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की घोषणा विधायक संजय खोडके ने की. वे गत शाम गौरक्षण संस्था में उपस्थितों को संबोधित कर रहे थे. इस समय संजय खोडके की विधान परिषद पर निर्वाचन होने उपलक्ष्य उनका गुडतुला दान किया गया. मंच पर संस्थाध्यक्ष एड. आर.बी. अटल, विधायक सुलभा खोडके, सचिव दीपक मंत्री, बियानी शिक्षा संस्था के अध्यक्ष ओम प्रकाश लढ्ढा, दैनिक अमरावती मंडल के संपादक व राजस्थानी हितकारक मंडल अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, मनोहर मालपानी आदि विराजमान थे.
विधायक खोडके ने कहा कि गौरक्षण संस्था का कार्य बेहतरीन है. सैकडों वर्ष से गौरक्षण संस्था कार्य कर रही है. संस्था में अन्य पशुओं के प्रति भी भूत दया दर्शाई है. वसा के माध्यम से कुत्ता, बिल्ली, भैंस, घोडे यहां तक कि सर्प की भी चिकित्सा सुश्रुषा का भी प्रयत्न हो रहा है. यह सराहनीय है. उन्होंने गौरक्षण संस्था के अध्यक्ष एड. अटल को संस्था के सभी सेवाभावी कार्यो में हर समय सहायता हेतु तत्पर रहने का वादा किया.
एड. अटल ने संस्था के कार्यो की जानकारी देते हुए दस्तूर नगर चौक के गौ सदन के भी प्रयासों की जानकारी दी और वहां चौराहे पर प्रस्तावित गौ प्रतिमा व क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के विषय में जानकारी दी. ंसंस्था की जगह के ईद- गिर्द हो रहे अतिक्रमण से निजात दिलाने का अनुरोध विधायक खोडके से किया. उन्होंने वसा के माध्यम से विभिन्न पशुओं की चिकित्सा के उपक्रम विषय में भी बतलाया. संस्था के इन प्रयासों को विधायक खोडके ने सराहा.
पं. उपेन्द्र पांडे उर्फ पप्पू महाराज के मंत्रोच्चार के बीच विधायक खोडके की गुड और ढेपतुला की गई. यह सभी गुड और ढेप गायों को अर्पित किया गया. पूजन विधि में खोडके दंपत्ति के साथ पुत्र यश खोडके ने भी भाग लिया. खोडके समर्थकों की इस समय उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही. कृष्ण कन्हैयालाल के जयकारे सभी ने लगाए. संचालन मनोहर मालपानी ने किया. सर्वश्री जगदीश छाबडा, कमल सोनी, प्रवीण चांडक, श्यामसुंदर भैया, अजय हेडा, वसंत कलंत्री, आल्हाद कलोती, संजय ककरानिया, महेंद्र भूतडा, मनीष करवा, कर्नल सिंह राहल, अजय दातेराव, अशोक अग्रवाल, अर्पित लढ्ढा, संजय सेंग, गोपाल मंत्री, प्रकाश काकाणी, लक्ष्मीकांत खंडेलवाल, श्रीलेखा खंडेलवाल, सुभाष खंडेलवाल, आनंद देशमुख, अन्नासाहब दातेराव, एड. विजय लढ्ढा, अजय दातेराव, सुनील लढ्ढा, प्रशांत डवरे, अविनाश मार्डीकर, मनोज केवले आदि अनेक के साथ गौपालक और गौसेवक की बडी संख्या में उपस्थिति रही.