
अमरावती/दि.1 – विदर्भ राज्य आंदोलन समिति द्वारा संपूर्ण विदर्भ में 7 दिसंबर को धरना आंदोलन का आयोजन किया जाएगा. सुबह 12 से शाम 5 बजे तक विदर्भ के जिला व तहसील स्तर पर यह धरना आंदोलन किया जाएगा. 22 नवंबर को विदर्भ राज्य आंदोलन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है. धरना आंदोलन के दौरान अतिवृष्टि के चलते किसानों को जो नुकसान हुआ है. जिसमें नुकसान भरपाई के लिए सरकार ने 10 हजार करोड रुपए मंजूर किए थे. जिसमें विदर्भ को सिर्फ 7 हजार करोड रुपए देकर विदर्भ पर अन्याय किया, साथ ही कोरोना काल के दिए गए बिजली बिल माफ करने की मांग की जाएगी.
किसानों को 25 हजार रुपए प्रति हेक्टर नुकसान भरपाई दी जाने की मांग भी धरना आंदोलन के दौरान की जाएगी. इन सभी मांगो को लेकर 7 दिसंबर को धरना आंदोलन किया जा रहा है. जिसे सफल बनाने के लिए रंजना मामर्डे, राजेंद्र आगरकर, दिलीप भोयर, जानराव अवघड, सतीश प्रेमलवार, डॉ. विजय कुबडे, माधवराव गावंडे, तारा, बारस्कर, मनोज वासनकर, अशोक हांडे, सचिन राउत, दिनेश ढवस, दिपक कथे, रियाज खान, बंटी केजरीवाल, मनोहर बठे, प्रकाश लढ्ढा, अशोक राणे, प्रा. नटवरलाल राठी, सुनील साबले, वि.दा. पवार, अर्जुन युवनाते, राजाभाऊ पुसदेकर, डॉ. गोपाल राठी, पी.के. बिजवे, डॉ. नीलकंठ यावलकर, विनायक इंगोले, रमेश जीवनकर, सुषमा मुले, विलास धांदे, नरेंद्र कठाणे, राजेंद्र गजभिये, सुधाकर गायकी, रमेश बंग, साहबराव इंगले, ज्ञानेश्वर गादे, सुभाष धोटे अथक प्रयास कर रहे है.