विद्यापीठ की प्रयोगशाला ने पूर्ण की तीन लाख टेस्ट
प्रयोगशाला के कोविड योध्दाओं की कुलगुरू ने की सराहना

अमरावती/दि.12 – विगत वर्ष 4 मई को स्थानीय संत गाडगेबाबा अमरावती विद्यापीठ में शुरू की गई सरकारी कोविड टेस्ट लैब में बीते 13 माह के दौरान 3 लाख से अधिक थ्रोट स्वैब सैम्पलों की जांच का काम पूर्ण किया है. कोविड टेस्ट लैब के नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत ठाकरे व तकनीकी अधिकारी डॉ. नीरज धनवटे की अगुआई में कोविड टेस्ट लैब की टीम द्वारा एक वर्ष से अविरत किये जा रहे काम और समाजसेवा के लिए विद्यापीठ के प्रभारी कुलगुरू डॉ. विलास भाले ने प्रयोगशाला में कार्यरत सभी कोरोना योध्दाओं की सराहना की है.
ज्ञात रहें कि, अमरावती जिले में विगत वर्ष 4 अप्रैल को हाथीपूरा परिसर में पहला कोविड संक्रमित मरीज पाया गया था. इसके बाद शहर में धीरे-धीरे कोविड संक्रमित मरीज पाये जाने लगे. किंतु उस समय अमरावती जिले में कोरोना संदेहितों के थ्रोट स्वैब सैम्पलों की जांच करने हेतु कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी और यहां से थ्रोट स्वैब सैम्पलों को बाहरी जिलों की प्रयोगशालाओं में भेजना पडता था. जिसकी वजह से मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट मिलने में काफी समय लगा करता था और मरीजों का इलाज शुरू करने में काफी विलंब हुआ करता था. इस बात के मद्देनजर उस समय जिला पालकमंत्री यशोमति ठाकुर व जिलाधीश शैलेश नवाल द्वारा किये गये प्रयासों के चलते संत गाडगेबाबा अमरावती विद्यापीठ में जिले की पहली सरकारी कोविड टेस्ट लैब शुरू की गई. जहां पर अब तक 3 लाख 547 थ्रोट स्वैब सैम्पलों की जांच की जा चुकी है, जिसमें से 51 हजार 33 की रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है, वहीं 2 लाख 47 हजार 540 की रिपोर्ट निगेटीव रही. शुरूआती दौर में इस कोविड टेस्ट लैब में जहां रोजाना 100-200 थ्रोट स्वैब सैम्पलों की जांच की जाती है, वहीं अब यहां रोजाना 2 हजार 500 सैम्पलों की जांच करने की क्षमता है और यहां रोजाना क्षमता से अधिक काम करते हुए करीब 2 हजार 900 सैम्पलों की जांच की जा रही है.
इस प्रयोगशाला में बायोटेक्नॉलाजी विभाग के प्रशांत ठाकरे को नोडल अधिकारी तथा सूक्ष्म जीवशास्त्र विभाग की डॉ. नीरज धनवटे को बतौर तकनीकी अधिकारी का जिम्मा सौंपा गया है. साथ ही यहां पर पैथालॉजीस्ट डॉ. मुकेश बारंगे व डॉ. सुधीर शेंडे, एनालिस्ट के तौर पर प्रज्ञा साउरकर, नीलू सोनी, यश गुप्ता, पूजा मालवीय, अमृता कासुलकर, योगेश भेले, अक्षय शिंदे, राधिका लोखंडे, मयूरी गरवाल, लैब टेक्नीशियन के तौर पर रेश्मा धर्माले, प्रसाद चांभारे, सचिन अवचार, निकिता पेटे, श्रृतिका उबाड, अपर्णा जाधव, गोपाल मापारी, मयूर इंगले, कृतिका देशमुख, उदय तितारे, अंजू वानखडे, चंचल अडगोकार, मृणाल तिवसकर, भक्ती सोनोने, डाटा एंट्री ऑपरेटर के तौर पर निकिता धर्माले, सागर भटकर, प्रणव देशमुख, गौरव रंगे, निलेश सरदार, अक्षय चांभारे, प्रसाद पुर्भे, शुभम बंड, स्वराज मोहोड, सुमीत नागरिकर, निलम खंडवाल व शुभम बांबल की टीम लगातार काम कर रही है.
उपरोक्त जानकारी देते हुए विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. तुषार देशमुख ने कहा कि, संत गाडगेबाबा के कार्यों व विचारोें के अनुसार विद्यापीठ का कामकाज चल रहा है और गाडगेबाबा के सामाजिक कार्याें से प्रेरणा लेते हुए ही विद्यापीठ में स्थापित कोविड टेस्ट लैब की प्रयोगशाला के जरिये अविरत समाजसेवा की जा रही है.