
अमरावती/दि.20 – अमरावती कृषि उत्पन्न बाजार समिती के संचालक विकास इंगोले का संचालक पद रद्द करने को लेकर डीडीआर द्वारा दिये गये फैसले को मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने स्थगनादेश देने के साथ ही कायम रखा है. विकास इंगोले ने जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंंक का चुनाव लडने हेतु सेवा सहकारी सोसायटी के संचालक पद से इस्तीफा दिया था. किंतु इससे पहले उसी सेवा सहकारी सोसायटी द्वारा उन्हें फसल मंडी के लिए प्रतिनिधि चुना गया था. जबकि सेवा सहकारी सोसायटी से इस्तीफा दिये जाते ही उनका मंडी संचालक पद अपने आप ही रद्द हो जाने का निर्णय डीडीआर द्वारा दिया गया था. जिसे उन्होंने विभागीय सहनिबंधक के समक्ष चुनौती दी थी. पश्चात विभागीय सहनिबंधक ने स्थगनादेश जारी करते हुए डीडीआर के फैसले को खारिज कर दिया. किंतु अब इस फैसले के खिलाफ मूल याचिकाकर्ता बंटी रामटेके ने मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में याचिका दायर की थी. जिस पर हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने विभागीय सहनिबंधक के आदेश पर स्थगनादेश जारी करते हुए डीडीआर के आदेश को कायम रखा. ऐसे में अब विकास इंगोले अमरावती कृषि उपज बाजार समिती के नियमित कामकाज यानी सभा व बैठकोें में शामिल नहीं हो पायेंगे.
बता दें कि, इससे पहले सुनील वर्हाडे, प्रांजली भालेराव व श्याम देशमुख इन तीन संचालकों द्वारा भी इस्तीफा देकर कृषि उत्पन्न बाजार समिती का संचालक पद छोडा गया है. ऐसे में 18 सदस्यीय संचालक मंडल में अब केवल 14 संचालक शेष है.