अमरावती

भोई समाज की विविध समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की जाएगी

परिचय सम्मेलन में विधायक बच्चू कडू की घोषणा, २०० से अधिक उम्मीदवारों ने दिया परिचय

अमरावती /दि. ७- भोई समाज को विविध समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. समाजबंध्ाुओं को हो रही परेशानी को देखते हुए समस्याओं का निपटारा करना जरुरी है. जिस प्रकार हमने दिव्यांगों की समस्या के लिए १५ सालों तक आंदोलन किया, उसी प्रकार मछुआरों के लिए आगामी समय में समाज की विविध समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की जाएगी.आने वाले विधानसभा चुनाव में प्रहार जनशक्ति द्वारा भोई समाज को प्रतिनिधित्व का अवसर दिया जाएगा. पश्चिम विदर्भ से भोई समाज का पहला विधायक प्रहार संगठन से होगा, यह घोषणा विधायक बच्चू कडू ने की. संत ज्ञानेश्वर सांस्कृतिक भवन में शुक्रवार को वाल्मिकी बहुउद्देशिय संस्था तथा भोई समाज वधू-वर समिति की ओर से विदर्भस्तरीय भोई समाज परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस अवसर पर उद्घाटक के रुप में वे बोल रहे थे. कार्यक्रम में पुणे के सेवानिवृत्त न्यायाधीश चंद्रलाल मेश्राम, कोल्हापुर अ. भा. भोई समाज संस्था अध्यक्ष एकनाथ काटकर, पूर्व पुलिस निरीक्षक-एसआरपीएफ तथा सुकाणु समिति अध्यक्ष देवीदास सुरजुसे, पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख, शिवाजी शिक्षण संस्था के अध्यक्ष हर्षवर्धन देशमुख, विदर्भ मतदार के संपादक दिलीप एडतकर, भाजपा के महामंत्री सिद्धार्थ वानखडे, भाजपा शहराध्यक्ष किरण पातुरकर, पशु-दुग्ध-मत्स्य विश्वविद्यालय के वासुदेव सुरजुसे, देवीदास चवरे, रमेश गौर, नंदकिशोर सागर, दिनेश बावणे, सरपंच सूर्यकांता बावणे, प्रकाश मोरे, गणेश सुरजुसे, सुनील पारिसे, युवराज नागपुरे, प्रमोद हजारे, राजू वानखडे, गजेंद्र चाचरकर, कचरुजी भारस्कर, मारोती पडाल, हिम्मत मोरे आदि प्रमुखता से उपस्थित थे. विधायक बच्चू कडू ने कहा कि, भोई समाज नदी अथवा समंदर के किनारे रहने वाला समाज है. ८० फीसदी लोग भूमिहीन हैं. मछली पकडने का जाल ही उनकी संपत्ति है. आज भी यह समाज गरीबी रेखा के नीचे जीवन व्यतीत कर रहा है. जिसके कारण तेली, माली, कुणबी समाज में इसका टिक पाना संभव नहीं. मैंने दिव्यांग मंत्रालय के लिए १५ सालों में ३५० से अधिक कानूनी कार्रवाई का सामना किया है और कर रहा हूं. आंदोलनों के माध्यम से ८२ शासन निर्णय जारी करने मजबूर किया है. उसी प्रकार अब १९ फरवरी को शिवजयंती पर हम मच्छीमार संस्था को जगह उपलब्ध करवायेंगे. इस समाज को छात्रावास की आवश्यकता है, उसे पूरा किया जाएगा. जिसका अप्रैल माह में भूमिपूजन होगा. भाजपा महामंत्री सिद्धार्थ वानखडे ने कहा कि, भोई समाज दिशादर्शक समाज है. राजा की तरह मन रखने वाला मेहनती समाज है. उनकी समस्या सुलझाने आने वाले समय में विधायक बच्चू कडू प्रयत्नशील रहेंगे. कार्यक्रम दौरान मान्यवरों ने अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम की प्रस्तावना पुरस्कार समिति अध्यक्ष संजय सुरजुसे ने रखी. संचालन राजेंद्र पारिसे तथा आभार देवीदास सुरजुसे ने माना. कार्यक्रम में समाजसेवी कांतिलाल लकारिया, मुम्बई की पुलिस उपअधीक्षक वृषाली कावनपुरे, तलवारबाजी गोल्ड मेडल अवार्ड विजेता दर्शना मोरे, उद्योजक प्रकाश नंदाने, रमेश वानखडे, विश्व तैराकी श्रीकृष्ण नागपुरे, उपनिबंधक भालचंद्र पारिसे, मुम्बई के समाजसेवी रमेश तारु आदि समेत मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम को सफल बनाने मार्गदर्शन समिति के पांडुरंग बावणे, सूर्यभान कावनपुरे, एड. शीतलकुमार ढोले, आयोजन समिति अध्यक्ष देवीदास सुरजुसे, उपाध्यक्ष भीमराव कुरवाडे, सचिव राजेंद्र पारिसे, प्रा. के. सी. श्रीनाथ, सुदाम पवार,प्रा. गजानन श्रीनाथ, सुरेश सोनोने, तायडे गुरुजी, जगदीश नांदणे, जगदीश कुरवाडे, गजानन कुरवाडे, सुधाकर नांदणे, प्रा. डॉ. राम वाघमारे, ओंकार नांदणे, वासुदेव भानगे, रामदास अमझरे, प्रा. रामकृष्ण वाघाडे, दामोधर डोंगरे, रामदास सुरजुसे, राम बोरवार, डॉ. नेमाडे, बाजीराव नांदणे, प्रा. योगेश कुरवाडे आदि ने प्रयास किए.

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