दीक्षा भूमि से भीमा कोरेगांव विजय स्तंभ मशाल यात्रा का स्वागत
भीम ब्रिगेड का आयोजन

अमरावती/ दि. 31– हर साल की तरह इस साल भी नागपुर के युवकों ने दीक्षाभूमि से भीमा कोरेगांव विजय स्तंभ मशाल यात्रा दीक्षाभूमि से निकाली. जिसमें रविवार को मशाल यात्रा का स्वागत करने स्थानीय डॉ. बाबासाहब आंबेडकर चौक यहां स्वागत समारोह का आयोजन भीम ब्रिगेड के संस्थापक अध्यक्ष राजेश वानखडे द्बारा किया गया था.
इस अवसर पर राजेश वानखडे ने कहा कि भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी 1818 को 500 महार सैनिकों ने 25 हजार पेशवों को पराजित किया था. सतत 12 घंटे बिना रूके बगैर अन्न जल के महार सैनिकों ने एतिहासिक युध्द लडकर जीता था. इन शुरवीर सैनिको की स्मृति में अंग्रेजों ने भीमा कोरेगांव स्थित भीमा नदी के किनारे विजय स्तंभ का निर्माण किया था. यह विजय स्तंभ आज भी महाशौर्य का साक्षीदार है. ऐसा कहकर मशाल यात्रा का स्वागत किया.
डॉ. बाबासाहब आंबेडकर चौक से साईनगर तक निकाली गई मशाल यात्रा में भीम ब्रिगेड अध्यक्ष राजेश वानखडे, मनोज चक्रे, केवल हिवराले, सोहेल खान, प्रफुल्ल तंतरपाले, सूरज खिराते, मल्हार वानखडे, चंदन गवई, आंबेडकरी ज्येष्ठ नेता वी.एम वानखडे सहित शहर की विविध सामाजिक संगठनाओं के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.