अण्णाभाउ साठे जन्म शताब्दी वर्ष के लिए तत्कालीन सरकार द्बारा दी गई निधि गई कहां ?
पत्रकार परिषद में बहुजन रयत परिषद के प्रदेशाध्यक्ष का राज्य सरकार से सवाल

अमरावती/दि.23– साहित्य रत्न अण्णाभाउ साठे के जन्म शताब्दी वर्ष निमित्त विविध कार्यक्रमों के नियोजन के लिए 2019 में तत्कालीन सरकार द्बारा 100 करोड रूपए निधि दी गई थी. लेकिन कोरोना महामारी के कारण कोई कार्यक्रम अथवा काम नहीं हुए. फिर यह 100 करोड रूपए की निधि गई कहा ?, ऐसा सवाल बहुजन रयत परिषद के प्रदेशाध्यक्ष एड. कोमलाताई सालुंखे ने किया है.
बहुजन रयत परिषद का विभागीय कार्यकर्ता संवाद सम्मेलन आज अमरावती में उत्साह से संपन्न हुआ. पश्चात आयोजित पत्रकार परिषद में प्रदेशाध्यक्ष एड. कोमलाताई सालुंखे ने वर्तमान सरकार से यह सवाल किया. उन्होंने कहा कि अण्णाभाउ कीकर्मभूमि वाले मुंबई शहर में उनका राष्ट्रीय स्मारक का निर्माण करने, साहित्यिक विषयक कार्यक्रम आयोजित करने, वाटेगांव में स्मारक का निर्माण, अण्णाभाउ साठे के चित्ररथ का महाराष्ट्र मेें प्रदर्शन करने, जन्म शताब्दी गौरव ग्रंथ प्रकाशित करने, अण्णाभाउ साठे के साहित्य पर आधारित चर्चासत्र व परिसंवाद आयोजित करने, मातंग समाज के 100 युवा उद्योजको को एमआयडीसी में भूखंड उपलब्ध कर देने, 100 सामाजिक कार्यकर्ता व कलाकारों को सामाजिक क्षेत्र में दिए योगदान निमित्त पुरस्कार देकर सम्मानित करने आदि विविध कार्यक्रमों के लिए शासन ने 100 करोड रूपए की निधि घोषित की थी. कोरोना के कारण 2019 से 2020 में कोई भी कार्यक्रम नहीं हुए फिर इस निधि का क्या किया. इसका जवाब शासन को देने की मांग एड.कोमलाताई सालुंखे ने की है. साथ ही उन्होंने कहा है कि महायुति सरकार ने बार्टी पैटर्न पर अण्णाभाउ साठे संशोधन व प्रशिक्षण संस्था की निर्मिति की है. इसके लिए प्रत्येक वर्ष 105 करोड रूपए का प्रावधान किया है. मातंग समाज के विद्यार्थियों को विविध स्पर्धा परीक्षा, शैक्षणिक सुविधा, देश की व्यवस्था विख्यात संस्था में शिक्षा का अवतर उपलब्ध कर दिए जाने से मातंग समाज के युवकों की शिक्षा व नौकरी का प्रमाण बढने वाला है, ऐसा सरकार कहती होगी तो प्रत्यक्ष में इसका लाभ नहीं मिल पाता. पुणे संगमवाडी में क्रांतिवीर लहूजी सालवे स्मारक के लिए 101 करोड रूपए उपलब्ध कर दिए. 400 करोड रूपए स्मारक का भूमिपूजन भी किया गया. लेकिन स्मारक की एक ईंट भी अब तक नहीं रखी गई है. महाराष्ट्र में कुल 5 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र और 28 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. फिर भी विकास को लेकर सरकार की अनदेखी है. जनता के प्रश्नों की तरफ किसी का ध्यान नहीं है. केवल सत्ता हासिल करने के लिए विकास का गाजर दिखाकर मतदाताओं के साथ खिलवाड किया जा रहा हैं. यह किसी भी समाज के लिए घातक हैं. एड. सालुंखे ने अमरावती विभाग के बहुजन समाज का प्रश्न हल करने तथा अण्णाभाउ साठे विकास महामंडल के प्रलंबित कर्ज प्रकरण जल्द से जल्द निपटाने के लिए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने अन्यथा संगठना की तरफ स तीव्र आंदोलन की शुरूआत करने की चेतावनी एड. कोमलाताई सालुंखे- ढोबले ने दी है. पत्रकार परिषद में बहुजन रयत परिषद के प्रदेश सचिव ईश्वर क्षीरसागर भी उपस्थित थे.