देश में संविधान है अथवा नहीं
डेप्यूटी सीएम अजीत पवार के अपमान पर भडकी पालकमंत्री यशोमति ठाकुर

अमरावती/दि.15– गत रोज देहू में प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को भाषण देने का अवसर नहीं दिया गया. जिसे लेकर जहां एक ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस बेहद आक्रामक दिखाई दे रही है, वहीं अब कांग्रेस ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए इसे लेकर अपनी नाराजगी जताई है.
राज्य की वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री तथा महिला व बालविकास मंत्री यशोमति ठाकुर ने गत रोज इस विषय को लेकर अपनी संतप्त व आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए जानना चाहा कि, इस देश में संविधान है अथवा नहीं. मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि, देहू में विरोधी पक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस को अपने विचार व्यक्त करने के लिए समय दिया गया, जबकि प्रोटोकॉल के अनुसार अजीत पवार को भी अपने विचार व्यक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए था, परंतू ऐसा नहीं हुआ. जिसका सीधा मतलब है कि, केंद्र सरकार द्वारा हर बात में राजनीति की जाती है. यह भारतीय संस्कृति के लिहाज से बिल्कुल ही अयोग्य बात है और पीएम मोदी ने कल केवल उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र का अपमान किया है. साथ ही भाजपा द्वारा देश के वातावरण को खराब किया जा रहा है. ऐसा भी मंत्री यशोमति ठाकुर का कहना रहा.
* सांसद सुले के नेतृत्व में सर्किट हाउस पर हुआ प्रदर्शन
वहीं देहू में पीएम मोदी के कार्यक्रम दौरान राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को भाषण देणे का मौका नहीं दिये जाने से नाराज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने गत रोज स्थानीय सरकारी विश्राम भवन परिसर में अकस्मात ही धरना प्रदर्शन किया. गत रोज एक दिवसीय दौरे पर अमरावती पधारी राकांपा नेत्री व सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में राकांपा पदाधिकारियों ने विश्राम भवन परिसर में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
उल्लेखनीय है कि, गत रोज सर्किट हाउस में आयोजीत प्रेस वार्ता के दौरान ही सांसद सुप्रिया सुले को देहू में आयोजीत कार्यक्रम के बारे में जानकारी प्राप्त हुई. पश्चात उन्होंने सीधे उपमुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क करते हुए मामले की सत्यता टटोली और पुष्टि होने के बाद इस घटना को लेकर खेद के साथ ही अपनी नाराजगी भी जताई. इस प्रेसवार्ता के समाप्त होते ही मौके पर उपस्थित राकांपा पदाधिकारियों ने अकस्मात ही केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. जिसमें सांसद सुप्रिया सुले ने भी हिस्सा लिया. ऐसे में यहां पर धरना प्रदर्शनवाली स्थिति बन गई और अचानक हुए आंदोलन की वजह से पुलिस को भी अच्छी-खासी भागादौडी करनी पडी, लेकिन जब तक पुलिस की अतिरिक्त कुमक सरकारी विश्राम भवन पहुंची, तब तक सांसद सुप्रिया सुले व राकांपा पदाधिकारी यहां से अगले कार्यक्रम में शामिल होने हेतु रवाना हो चुके थे.