अमरावतीमहाराष्ट्र

महिला किसान संगीता बद्रे ने जैविक खेती से मनाया ब्रांड

अमरावती /दि. 8– एक बार बेटा बीमार पडा जिसे उलटी व पतले दस्त की तकलीफ होने लगी तो डॉक्टर ने बताया कि, कीटनाशक की फवारणी किए गए बैंगन की सब्जी का सेवन करने की वजह से बच्चा बीमार हुआ है, उसी समय निर्णय लिया कि, अब सब्जियां खरीदकर नहीं बनानी है बल्कि खुद अपने घर में सब्जी उगाकर उनका सेवन करना है. इस काम में पति का भी पूरा सहयोग मिला. यह कहानी है, चांदुर रेलवे तहसील के शिरजगांव कोरडे निवासी संगीता राजू बद्रे की. जिनके द्वारा अपने घर के आंगण में खाली पडी जमीन पर की गई सब्जी उगाने की शुरुआत आज जैविक खेती तक पहुंच गई है तथा उन्होंने विषमुक्त कृषि उत्पादन का अपना खुद का ब्रांड तैयार किया है.
तीन सदस्यीय परिवार रहनेवाली संगीता बद्रे के पास अपनी खुद की 1.36 हेक्टेअर आर कृषि भूमि है. जहां पर बद्रे परिवार द्वारा इससे पहले पारंपरिक पद्धति से खेती किसानी की जाती थी. जिसमें खर्च अधिक और आय कम वाली स्थिति थी. इसी दौरान कीटनाशकयुक्त सब्जी के सेवन की वजह से बेटे के बीमार पडने की घटना घटित हुई और संगीता बद्रे द्वारा किए गए प्रयासों के चलते बद्रे परिवार ने जैविक खेती की राह पकडी. जिसे लेकर उन्हें गांव में रहनेवाले कई लोगों की आलोचना का सामना भी करना पडा परंतु इसकी ओर ध्यान दिए बीना संगीता बद्रे अपनी काम में लगी रही. साथ ही उन्होंने केचुआ खाद, निंबोली अर्क व दशपर्णी अर्क आदि की निर्मिति की. जिसमें उन्हें तहसील तंत्रज्ञान व्यवस्थापक परिक्षित मालखेडे, कृषि सहायक उपेंद्र इंगोले का भरपूर सहयोग व मार्गदर्शन मिला. अपनी परसबाग में संगीता बद्रे ने सभी साग-सब्जियों व फलों के पेड सेंद्रीय पद्धति से लगाए और गांव की अन्य महिलाओं को भी विषमुक्त जैविक पद्धति से साग-सब्जियां उगाने हेतु प्रोत्साहित किया.

* दो गुटों की स्थापना, 25 महिलाओं को रोजगार
संगीता बद्रे ने जैविक सामूहिक खेती के लिए दो किसान गुट तैयार किए. जिसके जरिए जैविक खेती करते हुए विषमुक्त उपज ली जाती है. साथ ही उन्होंने अपनी खेती सहित जैविक उत्पादनों के कामों हेतु करीब 20 से 25 महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है. संगीता बद्रे खुद अपने गांव की उपसरपंच भी है और उन्होंने कई लोगों को प्रोत्साहित किया है, जिनके कामों को देखते हुए उन्हें जिला परिषद द्वारा जिलास्तरीय पुरस्कार सम्मानित किया गया.

* उत्पादों का बनाया ब्रांड, घर से ही विक्री
संगीता बद्रे ने प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य प्रक्रिया उद्योग अंतर्गत सेवई व पापड मशीन लेकर गृहउद्योग का प्रारंभ किया. जिसके जरिए उन्होंने तीन ेसे चार महिलाओं को रोजगार देने के साथ ही अपना खुद का ब्रांड भी तैयार किया. जिसके जरिए वे सेवई व पापड सहित जैविक तरीके से उगाई गई तुअर दाल व हलदी की विक्री करती है. साथ ही अधिकांश लोग उनके घर से ही विषमुक्त उत्पादनों की बडे चाव से खरीदी करते है.

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