
अमरावती/ दि.7 – महाराष्ट्र संतों की भूमि है. संतों के विचारों से ही वारकरी संप्रदाय अस्तित्व में आया. वारकरी संप्रदाय महाराष्ट्र की काफी लोकप्रिय और सैकडों वर्षों की परंपरा प्राप्त वारकारी याने हमेशा वारी करने वाले भक्त. वारी से ही वारकरी इस शब्द का उदय हुआ है. वारकरी संप्रदाय का वैभव याने एक पंढरपुर के रुख्मिणी विठ्ठल और दूसरा वैभव याने शेगांव का राजा संत गजानन महाराज के प्रकट दिन के अवसर पर राज्यभर से पालकी वारी शेगांव की ओर प्रस्तान करती है. इसमें अमरावती जिले का वैभव रहने वाली चांदूरबाजार तहसील के शिरजगांव बंड स्थित पालकी व समारोह हर वर्ष अविस्मरणीय रहता है. पूर्व राज्यमंत्री वसूधाताई देशमुख ने तैयार किये वैभवशाली श्रीराम मंदिर व वैभवशाली वाडे से शुरु हुई पालकी वारी समारोह को 10 वर्ष से अधिक समय हो चुका है. संत गजानन महाराज शेगांव संस्थान व शिरजगांव बंड की पालकी एकरुपता इस पालकी व वारी समारोह की खाशियत है. यह समारोह देखने, अनुभव करने एक अविस्मरणीय पल होता है.
प्रकट दिन के अवसर पर पूर्णिमा के पर्व पर रविवार 5 जनवरी को शिरजगांव बंड में स्व. नानासाहब देशमुख व जिले के कर्मयोगी पूर्व राज्यमंत्री वसुधाताई देशमुख ने निर्माण किये श्रीराम मंदिर से संत गजानन महाराज पालकी वारी समारोह की शुरुआत की गई. इस समय पूर्व राज्यमंत्री वसुधाताई देशमुख के हस्ते संत गजानन महाराज की पालकी का विधिवत पूजन किया गया. इस समय पताकाधारी व वारी के मार्गदर्शन का अक्षत कर सत्कार किया गया. इस समय वारी में गांव के व चांदूर बाजार तहसील के महिला व पुरुष वारकरी बडी संख्या में शामिल हुए. 6 दिन समयावधि में यह वारी अचलपुर मार्ग से अंजनगांव सुर्जी, अकोट होते हुए शेगांव पहुंचेगी. शेगांव संस्था की पालकी, वारी व शिरजगांव बंड की पालकी वारी एकरुप होने के कारण होने के कारण इस वारी की शेगांव में प्रतिक्षा बडी आतुरता के साथ की जाती है. शेगांव वारी के दौरान जगह-जगह वारी का स्वागत व विधिवत पूजन किया जाता है. विशेष तौर पर वारी मार्ग पर कई गांववासियों ने वारी के स्वागत व सेवा की जिम्मेदारी स्वीकारी है. मुकाम व प्रस्तान के दौरान वारकरियों के लिए नाश्ता, भोजन, विश्राम ऐसी सेवा हर गांव के श्रीसंत गजानन भक्त देते है. वारकरियों में गण गण गणात बोते… यह जयघोष की गुंज हरि किसी के लिए अविस्मरणीय क्षण की अनुभूति कराता है. एक बार इसका अनुभव जरुर ले, शिरजगांव बंड के शेगांव की वारी की ख्याती भक्तों में बढती जा रही है.